*थारू जनजाति को दी गई जमीनों पर अवैध कब्जा, प्रशासन मौन।*

लखीमपुर खीरी , 131

पलियाकलां बनगवां-खीरी  इंडो-नेपाल गौरीफंटा बॉर्डर से लगे ग्राम बनगवां में कृषि भूमि पर गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट को धता बताते हुए बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण किया गया है। बिना किसी बैनामे, दाखिल-खारिज या वैध स्वीकृति के केवल स्टांप पेपर के एग्रीमेंट के आधार पर करीब 200 से अधिक दुकानों की बस्ती खड़ी हो चुकी है।
यह अवैध मंडी अब धन कुबेरों का अड्डा बन चुकी है। सूत्रों के मुताबिक अधिकांश व्यापारियों के पास जीएसटी रजिस्ट्रेशन तक नहीं है, फिर भी लाखों का व्यापार खुलेआम जारी है। सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है और संबंधित विभाग मौन साधे बैठा है।
मुख्य सवाल उठते हैं:
सरकारी कृषि भूमि पर अवैध निर्माण की अनुमति किसने दी?
बिना जीएसटी और लाइसेंस के व्यापार कैसे चल रहा है?
क्या संबंधित विभागों की मेहरबानी या मिलीभगत के बिना यह संभव है?
कानून स्पष्ट कहता है:
सरकारी कृषि भूमि पर निर्माण और व्यापार करना पूरी तरह प्रतिबंधित (वर्जित) है, लेकिन यहां नियमों को ताक पर रखकर मंडी बस चुकी है।

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