खाली प्लाट आवारा पशुओं का आश्रय बनकर रह गए, जिम्मेदार बने धृतराष्ट्र,

लखीमपुर खीरी , 177

विश्वकांत त्रिपाठी  लखीमपुर 

पलिया कलां लखीमपुर खीरी। नगर बना आवारा पशुओं का तबेला, पोस्ट ऑफिस कैम्पस, स्टेशन चौराहा, पुलिस पीकेट मुख्य चौराहा, लक्ष्मी ट्रासपोर्ट इन्दिरा नगर के पीछे सहित नगर की खाली प्लाट आवारा पशुओं का आश्रय स्थल बनकर रह गए हैं जहां आये दिन आवारा जानवरो को किसी न किसी को दौड़ाते और अपना शिकार बनाते हैं, लेकिन जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारियों के प्रति संजीदा नहीं।
          वहीं सरकार आवारा पशुओं के संरक्षण और संवर्धन और‌ इनके रख-रखाव के नाम पर करोड़ों रुपया पानी की तरह बहा रही‌ है और जिम्मेदार मलाई काट रहे हैं।
       इन दिनों पुरी पलिया आवारा पशुओं को लेकर र्चचा बनी हुई है, आए दिन कोई न कोई घटना घट रही है‌ और लोग प्रति दिन चोटिल हो रहे हैं।
       आवारा पशुओं के संरक्षण व सम्वर्धन के लिए नगर पालिका सहित ग्रामीण क्षेत्रों में तमाम गौ आश्रय केंद्र बनाए गए हैं जहां सरकार को संरक्षण के नाम पर भारी धन खर्च कर रही है लेकिन गांवों  और नगरों के आश्रय केंद्र केवल नगर पालिका परिषद और ग्राम प्रधानों के खानेकमाने का जरिया बन कर रह गये‌ है। पलिया नगर क्षेत्र के आवारा पशुओं को पकड़वाने तथा उन्हें गांव आश्रय छोड़ने की जिम्मेदारी नगर पालिका की है इस बाबत अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को कईबार फोन कर और पशुओं के बारे में अवगत भी कराया गया लेकिन नतीजा केवल ढाख के तीन पात ही रहा और अधिशासी अधिकारी न ही लोगों से ठीक ढंग से‌ बात‌ भी‌ नही करते हैं और यही नजरिया पलिया पालिका परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी गुप्ता का है

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