मैलानी नानपारा खंड को बड़ी लाइन कराने, छोटी लाइन की गाड़ियों की संख्या बढ़ाने, समय सारणी संशोधन को ज्ञापन सौंपा

लखीमपुर खीरी , 141

विश्वकांत त्रिपाठी‌, 


 ‌‌   पलिया कलां‌ लखीमपुर खीरी। रेल चलाओ पलिया बचाओ आंदोलन कारी क्षेत्र  तथा नगर के‌ दर्जनो संगठनों के सदस्यों ने पलिया रेलवे स्टेशन पर पूर्व  नियोजित कार्यक्रम के अनुसार बैठक कर मैलानी नानपारा रेल खंड पर अमान परिवर्तन कराने की रणनीति बनाते हुए चलाई जा रही छोटी रेल लाइन की नानपारा की तरफ से मैलानी जा रही ट्रेनों की समय सारिणी मे‌ रद्दो-बदल करवाने तथा मैलानी से नानपारा की तरफ जा रही रेलगाड़ियों में क्रॉस करवाने जिससे यात्रियों को आगे जाने वाली रेलगाड़ियां का क्रॉस (लिंक) मिल सके इस हेतु डीआरएम लखनऊ तथा गोरखपुर को संबोधित अलग-अलग ज्ञापन सौंपा गया, ज्ञापन से पूर्व बैठक कर रेल चलाओ क्षेत्र बचाओ मैलानी नानपारा रेलखंड का अमान परिवर्तन करो के नारे लगाते हुए रेल प्रशासन तथा भारत सरकार से मांग की गई थी नेपाली नदियों से आ रहे पानी को रोकने तथा बाढ़ के लिए उपाय करने सहित अमान परिवर्तन करने को ज्ञापन सोपा गया। 
      5 अक्टूबर 2025 से 18 अक्टूबर तक चले क्रमिक धरना प्रदर्शन तथा पत्राचार के बाद अंततः रेलविभाग को मैलानी नानपारा रेलखंड पर रेलगाड़ियों का पूर्व नियोजित टाइम टेबल के अनुसार परि संचालन करना पड़ा, रेल विभाग द्वारा निश्चित टाइम टेबल का लाभ दिलाने,मैलानी नानपारा रेलखंड पर चलने वाली रेलगाड़ियां से मीटर गेज की चल रही रेलगाड़ियां जोड़ने का कोई लिंक न होने के कारण यात्रियों का धन और समय दोनों जाया जाते हैं, इसे लेकर रेलगाड़ियों के टाइम टेबल संशोधन को गोरखपुर तथा लखनऊ डीआरएम के नाम पलिया स्टेशन मास्टर रमेश कुमार को ज्ञापन सौंपा गया। 

   बैठक को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार विश्वकांत त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश सरकार की आक्रमंड्यता और उदासीनता का परिणाम है कि अब इलाके से रेल गयी इसका परिणाम क्या होगा कि पलिया विधान सभा सहित आंशिक निघासन आंशिक बहराइच तथा पीलीभीत ट्रांसशारदा क्षेत्र का एक बड़ा एक बड़ा पूरी तरह रेल कनेक्टिविटी से कटकर रेल सुविधाओं के से अछूता करने का कुचक्र उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग और रेल विभाग की जुगलबंदी ने करते हुए क्षेत्र के विकास का बंटाधार कर दिया यदि सिंचाई विभाग समय रहते बाढ़ रोकने का प्रयास करता तो
 आज क्षेत्र की जनता रेल सुविधा से वंचित न रहती, सामरिक दृष्टि से सीमा की सुरक्षा तथा गोरखपुर व बरेली और लखनऊ महानगरों को जोड़ने का लिंक भी कमजोर ना पड़ता इसलिए इस क्षेत्र में चल रही नौ छोटी रेल लाइन को मीटर गेज करना बहुत ही आवश्यक हो गया है। इसके अलावा कामरेड आरती राय, कमलेश राय, रामकिशन तथा लल्लन गॉड ने भी सभा में आए लोगों को संबोधित करते हुए अपने वक्तव्य दिए।
      इस अवसर पर प्रमुख रूपसे कामरेट कमलेश राय ,एपवा जिलाध्यक्ष आरती राय, पूर्व प्रधान लल्लन, कामरेड रामकिशन,पूर्व प्रधान कमरुद्दीन कादरी, सुरेश चंद्र लोधी,


पत्रकार बबलू गुप्ता, सभासद निर्भय नारायण सिंह, पूर्व सभासद रहीस अली, निरंकार प्रसाद बरनवाल, सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती तारा गौतम, श्रीमती रजनी, विनोद गुप्ता, मुमताज रजा खां, चंद्रशेखर मिश्र,सुरेंद्र यादव, करण यादव, दीपक भार्गव, रामदयाल वर्मा, सुरेंद्र गुप्ता, भोजपुरी समाज के प्रदेश अध्यक्ष लल्लन गौड़,अरुण झा, पत्रकार विश्वकांत त्रिपाठी, रामचंद्र शुक्ल,आलोक मिश्रा "भैय्या", आलोक गुप्ता, राजेंद्र प्रसाद गुप्ता ,निरंकार प्रसाद बरनवाल, उमाशंकर, राकेश मिश्रा,राहुल गुप्ता, रामनिवास, रईस अली


, मझरा प्रधान सरदार प्रीतम सिंह,अजय तिवारी,पूरव सभासद सुमन सिंह, पूर्व सभासद रईस अहमद,आशीष पटेल, सहित दर्जनों सामाजिक कार्यकर्ता तथा गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

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