बिना दलाल के नया आधार,अपडेट भी मुश्किल कार्य
लखीमपुर खीरी Oct 29, 2025 at 03:10 PM , 324(विश्वकांत त्रिपाठी/ केके शुक्ला)
पलिया कलां लखीमपुर।तमाम सरकारी योजनाओं का लाभ लेने एवं सरकार की पॉलिसी के चलते आधार अपडेट एक आम बात हो गई है जिसके लिए एक व्यक्ति आधार केंद्र को खोज कर अपना आधार अपडेट करने या बनवाने के लिए मारा-मारा घूम रहा है जब वह खोज-खाज कर वहां पहुंचता है तब उसे पता चलता है कि आम आदमी के लिए आधार संशोधन करवाने में उसे तमाम सी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
2011 की जनगणना के अनुसार, पलिया तहसील की कुल जनसंख्या 336,505 थी। इस जनसंख्या में 176,259 पुरुष और 160,246 महिलाएं शामिल थीं। 2011 में, तहसील में कुल 60,630 परिवार निवास कर रहे थे। वर्तमान स्थिति को देखते हुए लगभग 4.5 से 5 लाख की आबादी वाले क्षेत्र में एक ही आधार अपडेट सेंटर होना सरकार की अव्यवस्था को दर्शाता है जिम्मेदारों के पास सारे आंकड़े मौजूद हैं इसके बाद भी वह अपनी जिम्मेदारी से नहीं काम कर रहे हैं इसी का परिणाम है की एकमात्र आप आधार अपडेट सेंटर का होना इससे क्षेत्र की जनता तरह-तरह कर रही है और पोस्ट ऑफिस पर काफी रास साथ ही प्रशिक्षित व निपुण स्टाफ की कमी इसके चलते क्षेत्रीय जनता को नया आधार बनवाने व अपडेट करवाने की दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है और जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारियां से जी चुरा रहे हैं डबल इंजन की सरकार होने के भी क्षेत्र की जनता एक आधार बनवाने और दोस्त करवाने के लिए 15 दिन का समय लग रही है कि पूरी तहसील क्षेत्र मे
एकमात्र आधार संशोधन केंद्र पलिया डाकघर को एलाट किया गया है जहां आम आदमी हफ्ते से 15 दिन के बाद अपना टोकन ले पता है, उसके बाद फिर शुरू होती है सौदेबाजी, सौदेबाजी के लिए कई प्राइवेट जन सेवा केंद्र और दलाल आपको मिल जाएंगे अगर आपने थोड़ी सी भी होशियारी दिखाई तो मिस डॉक्यूमेंट के नाम पर महीनों दौड़ना तय है।
बुधवार को आधार अपडेट सेंटर पर लगभग तीन दर्जन से अधिक लोग कतार में लगाकर अपनी बारी का इंतजार करते देखे गए उन्होंने बताया की 20 अक्टूबर के पहले उन्हें स्लिप जारी की गई थी जिनका नंबर अभी लगा है, एक आधार अपडेट करने में लगभग 10 से 20 मिनट का समय लग जाता है आधार अपडेट कर रहे अर्जुन ने बताया कि वह प्राइवेट संविदा कर्मी है, उनका काम आधार बनाना नहीं है उन्हें यहां बैठाला गया है आईडी वाला व्यक्ति पिछले कई दिनों से बीमारी के कारण नहीं आ रहा है इसलिए उसकी जगह पर अर्जुन नामक व्यक्ति मिला उसने बताया कि यह मेरा काम नहीं लेकिन मै बना रहा हूं।
दोपहर 1 बजे तक मात्र दस आधार ही अपडेट हो पाए थे। फोटो करता देख एक सज्जन अपनी सीट से दौड़ कर आ गए और पूछा कि क्या परेशानी है आप फोटो क्यों कर रहे हो, आपका कोई काम हो तो बताइए उन्होंने अपना परिचय देते हुए बताया कि मै प्यारेलाल राणा हूं और इंचार्ज भी पूछने पर उन्होंने बताया कि अब 1 नवंबर को टोकन जारी किए जाएंगे टोकन वाले को प्रतिदिन या जानकारी करनी होगी कि उसका नंबर कब आएगा इसलिए प्रतिदिन सैकडों लोग नया आधार बनवाने के लिए अपना टोकन और टोकन के बाद बारी का इंतजार के लिए पोस्ट ऑफिस के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
अब शुरू होती है सौदेबाजी, सौदेबाजी के लिए आपके पास किसी किसी जनसेवा केंद्र के सें गठजोड़ करना पड़ेगा अगर आपकी बात बन गई तो आपको कोई समय नहीं लगेगा आप जाये और आपका का काम पक्का, ऐसे आप दौड़ते-दौड़ते थक जायेगें और दिवस होकर दलाली देनी ही पड़ेगी जब भी आधार अपडेट होना अथवा नया बना संभव,जबूरन आपको दो सौ से 1000 रुपए तक खर्च करना पड़ सकता है नहीं तो दौड़ते रहिए। आपने रुपए खर्च करने में असमर्थता या मजबूरी दिखाई तो फिर समझो आपका आधार बन चुका ? और लगाते रहिए चक्कर पर चक्कर, हां यदि आपने पैसे दे दिए तो आपका काम पूरा हो जाएगा।
मिली जानकारी के अनुसार नगर के पोस्ट आफिस में चल रहे आधार संशोधन केंद्र पर जब कोई व्यक्ति अपने आधार से संबंधित अपडेट करवाने या बनवाने जाता है तो उसे तमाम तरह से कुछ न कुछ कमी बताकर या सर्वर नहीं चल रहा है समझा कर टाल दिया जाता है इसके बाद परेशान व्यक्ति मजबूरन अपने कार्य को करने के लिए दलाल खोजता है जो वहां आसपास ही रहते हैं, के माध्यम से जब कार्य को देता है तो सारी कमियां समाप्त होकर सर्वर भी चलने लग जाता है और उसका काम जल्द ही कर दिया जाता है जिसमें व्यक्ति का दो 400 रूपये खर्चा ज्यादा लग जाता है परंतु काम कम दिक्कत के साथ हो जाता है।
बताया जाता है कि पलिया पोस्ट आफिस केन्द्र पर वैसे भी निर्धारित शुल्क से अधिक शुल्क लिया जाता है इसके बाद भी बहाने बाजी की जाती है परंतु दलाली सुविधा के माध्यम से अपनी जेब ढीली कर आम आदमी अपना कार्य आसानी से कर लेता है। आए दिन पोस्टऑफस की दुर्व्यवस्था को लेकर लोग ज्ञापन देते हैं कई बार जिला अधिकारी को भी लोगों ने शिकायत की लेकिन परिणाम शून्य ही रहा।






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