संस्कृतं पठ आधुनिको भव उद्यमिता शासकीय अशासकीय क्षेत्रों में बहुत सारे अवसर -डॉ दिव्या देश पाण्डेय

लखीमपुर खीरी , 183

लखीमपुर खीरी।उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान द्वारा निदेशक विनय श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में संचालित ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम निर्माण योजना के अंतर्गत  संस्कृत भाषा शिक्षण कक्षा में प्रेरणा सत्र का शुभारंभ प्रशिक्षु सूरज अवस्थी द्वारा वेदिक मङ्गलाचरण व आराध्या द्वारा सरस्वतीवन्दना से हुआ तथा  संस्थानगीतिका साइशा द्वारा प्रस्तुत की गयी। मुख्य अतिथि परिचय प्रशिक्षिका आस्थाशुक्ला द्वारा संस्थान का परिचय, मुख्यातिथि व समागतों का स्वागत  समन्वयक दिव्यरंजन  द्वारा किया गया। स्वागतगीत प्रशिक्षिका गंगोत्रीशुक्ला द्वारा किया गया । कार्यक्रमों के क्रम में अनुभवकथन राहुलतिवारी, रश्मि कोहली द्वारा , संस्कृतगीत माण्डवी मिश्रा द्वारा प्रस्तुत किया गया।मुख्यप्रेरक डाॅ. दिव्या देशपाण्डेय महोदया ने प्रेरणासत्र के मुख्य विषय संस्कृते जीविकानां अवसराः पर प्रेरित करते हुए उन्होंने बताया कि संस्कृत भाषा न केवल वेद पारायण और पाण्डित्य कर्म मात्र के लिए है अपितु संस्कृत माध्यम से भी जीवकोपार्जन करना अत्यंत सरल है।शिक्षणक्षेत्र में विशेष लाभदायक होने के साथ-साथ यह अन्य क्षेत्रों जैसे संस्कृत में डायलॉग लेखन, संस्कृत गीतगायन, संस्कृत समाचार वाचन आदि विभिन्न क्षेत्रों में भी कार्य करके हम सरलता से जीवीकोपार्जन कर सकते हैं।संस्कृत के द्वारा हम धर्म अर्थ काम  मोक्ष आदि पुरुषार्थों की प्राप्ति संस्कृत द्वारा की जा सकती है। भवन आदि का निर्माण भी संस्कृत के वास्तु शास्त्र की ही सहायता  से ही करते हैं और धनार्जन करतें हैं । ऐसे ही आदि अन्य रोजगार हैं जिसे संस्कृत द्वारा प्राप्त कर सकतें हैं प्रशिक्षिका सवितामौर्या ने आए हुए अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा प्रशिक्षक गणेशदत्तद्विवेदी ने शान्तिमन्त्र एवं कक्षागत सूचना दिया।कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान के निदेशक विनय श्रीवास्तव, भाषाविभाग के मुख्यसचिव आलोक, प्रशासनिक अधिकारी जगदानंद झा, दिनेश मिश्र, योजना के प्रधान सहायक भगवान सिंह चौहान, प्रशिक्षण प्रमुख सुधीष्ठ मिश्र, समन्वयक गण धीरज मैठाणी, दिव्यरंजन तथा राधा शर्मा तथा संस्थान के सभी प्रशिक्षकों में रजनीश तिवारी , गणेशदत्तद्विवेदी, आस्था शुक्ला सविता मौर्या  आदि अन्य सभी प्रशिक्षक उपस्थित रहे।  तकनीकी सहयोग प्रशिक्षिका आस्था शुक्ला ने किया। कार्यक्रम का संचालन प्रशिक्षक रजनीश तिवारी  ने  किया।

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