मैलानी नानपारा रेल ट्रैक पर ब्राडगेज का काम न शुरू करना बड़ी साजिश का हिस्सा? हाईकोर्ट ने जारी किया आमान परिवर्तन का आदेश
लखीमपुर खीरी Sep 13, 2025 at 06:40 PM , 627विश्वकांत त्रिपाठी/केके शुक्ला
लखीमपुर खीरी। सरकार और वन विभाग की जुगलबंदी तथा रेल विभाग मे बैठे भ्रष्टाचारियों को नोटों के बंडल की चाहत ने यह अंजाम दिया कि रेल बंद कराने को पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने लालू यादव निवर्तमान रेल मंत्री को पत्र लिखकर ट्रेन की गति धीमी ही नहीं बन्द करवाने तक की सिफारिश कर दी, लेकर रेल विभाग की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है, जबकि 2007-08 के वार्षिक बजट में ऐशबाग से लेकर मैलानी तथा मैलानी से गोंडा तक 553.37 किलोमीटर छोटी लाइन को बड़ी लाइन में परिवर्तित करने के लिए रेल विभाग ने आरेख जारी कर काम की मंजूरी का बजट भी पास करवा लिया लेकिन स्थानीय नेताओं की अनदेखी के परिणाम स्वरूप गोरखपुर से नानपारा तक मीटर गेज का ब्राडगेज में अमान परिवर्तन हो गया और ट्रैक बन गया, लेकिन नानपारा से मैलानी तक मजबूत राजनीतिक पकड़ न होने तथा केंद्र सरकार में बैठे नेताओं की आरामखोरी का परिणाम आ रहा कि इस लाइन पर अमान परिवर्तन नहीं शुरू हो पाया, और तमाम तरह की चर्चाएं होने लगी जिसको लेकर "विगत माह पलिया की एक समाजसेवी संस्था स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्यारेलाल फलाहारी गौसेवा फाउंडेशन पलिया कलां के मंत्री समर्थ गुप्ता द्वारा मैलानी नानपारा अमान परिवर्तन के संबंध में रिट संख्या 936/2025 - 29 8.2025 को योजित की गई थी, जिस पर 10 सितंबर 2025 को मा0 उच्च न्यायालय इलाहाबाद लखनऊ खंडपीठ के न्यायमूर्ति राजन राय एवं मंजीव शुक्ल द्वारा याचिका पर लंबी सुनवाई के बाद राज्य सरकार एवं वन विभाग केंद्रीय सरकार के अधिवक्ताओं तथा याची की अधिवक्ता कु. चित्रांगदा नारायण को सुनने के बाद याचिका पर प्रतिवादी संख्या (3) मुख्य प्रसाशनिक अधिकारी निर्माण पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर, तथा प्रतिवादी संख्या (4) महा प्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर को याची के प्रत्यावेदन पर विचार करके कार्यवाई कर मीटर गेज से ब्राड गेज अमान परिवर्तन करने के संदर्भ में आदेश निर्गत किया है"।
याचिका मे भारतीय रेलवे द्वारा विभिन्न प्रांतो में रेल की पटरियों पर हाथियों एवं अन्य जीव जंतुओं की सुरक्षा के लिए (ए.आई) तकनीक से अभिनव उपाय करते हुए नानपारा, मिहींपुरवा, खैरटिया,तथा मैलानी रेल खंड पर अमान परिवर्तन किए जाने की याचना की गई थी जिसे स्वीकार कर लिया गया है। इससे इस मार्ग पर रेल अमान परिवर्तन का रास्ता साफ हो गया है, वहीं वन विभाग जंगली जानवरों का हवाला देकर पलिया नानपारा रेल यातायात ख़त्म करना चाहता रहा था, जहां रेल विभाग छोटे छोटे सामान्य रेल ट्रैक रिसाव को बड़ा खतरा दर्शाकर रेल विभाग मे बैठे छुट भैया से लेकर बड़े अफसर रेल के उच्चाधिकारी शासन को गलत रिपोर्ट भेज रेल ट्रैक पूर्ण रूप से बन्द कर खतम करना चाह रहे थे।






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