छोटी काशी कवयित्री महाकुम्भ का गाजे बाजे के साथ भव्य आग़ाज़

लखीमपुर खीरी , 268

लखीमपुर खीरी।शुक्रवार को रॉयल लॉन गोला गोकर्णनाथ में कपिलश फाउंडेशन कवयित्री महाकुम्भ का भव्य आगाज़ हो गया। लगातार 51 घंटे के काव्यपाठ का संकल्प लेकर शुरू हुए महाकुम्भ का शुभारम्भ नगर पालिका अध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू, पूर्व विधायक विनय तिवारी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल, प्रधानाचार्या मधु त्रिपाठी, रेखा तिवारी द्वारा फीता काटकर एवं दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इससे पहले कार्यक्रम की जागरूकता के लिए सरदार पटेल स्मारक इंटर कॉलेज के स्काउट गाइड के बैंड के साथ पूरे देश से आई हुई कवयित्रियों ने कपिलश अध्यक्ष शिप्रा खरे के नेतृत्व में एक जागरूकता रैली भी निकाली जो कार्यक्रम स्थल से सदर चौराहा होते हुए पुनः कार्यक्रम स्थल पहुँच गई। प्रथम कवयित्री के रूप में राष्ट्रीय कवयित्री सुफलता त्रिपाठी का स्वागत माल्यार्पण कपिलश संयोजक रेखा बोरा ने किया और उसी के साथ अनवरत काव्य पाठ के विश्व रिकॉर्ड आयोजन का आरम्भ हो गया। जैसा कि ज्ञात है कि इस विश्व रिकॉर्ड आयोजन की निगरानी दुबई से द बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम कर रही है साथ ही उसके प्रतिनिधि समीर सिंह शुक्रवार देर रात तक कार्यक्रम स्थल पहुँच रहे हैं।

राष्ट्रीय कवयित्री सुफलता त्रिपाठी बनी प्रथम कवयित्री एवं रेखा बोरा प्रथम संचालक

शुक्रवार को काव्यपाठ करने वालों में लखनऊ से सुफलता त्रिपाठी, नमिता सचान सुंदर, श्वेता श्रीवास्तव, रेखा बोरा, मीनाक्षी शुक्ला, नव्या शर्मा श्रीजी, इशरत सुल्ताना, डॉ कुसुम चौधरी; दिल्ली से ऊषा सिंह, शिखा खुराना, सुनीला नारंग, देवरिया से सीमा मिश्रा नयन; समस्तीपुर बिहार से शेफालिका झा, कानपुर से डॉ सुषमा सेंगर, गोला गोकर्णनाथ से डॉ रीमा छाबड़ा, बरेली से अनीशा सिन्हा, भोपाल से सुमन मिश्रा एवं कपिलश अध्यक्ष शिप्रा खरे, खुर्जा बुलंदशहर से बबिता अग्रवाल, रेनू तायल, पुष्टि अग्रवाल परी, कामाक्षी अग्रवाल शामिल है।सुफलता त्रिपाठी ने प्रथम कवियत्री के रूप में पढ़ा-पंख नहीं यदि काटोगे तो, चिड़िया बनकर चहकूंगी,पापा जी विश्वास करो तुम, कभी कहीं न बहकूँगी,तेरे आंगन की बिटिया हूँ, माँ की प्यारी गुड़िया हूँ,भैया के संग जब खेलूँगी, ख़ुशबू बनकर महकूँगी

नमिता सचान ने पढ़ा-
दरअसल माएं कहीं नहीं जाती
वे बेटियां हैं धरती की
बस वे अपनी बेटियों में जा बस जाती हैं 
मानें कहीं नहीं जाती 
कहीं नहीं जाती मांएं

श्वेता श्रीवास्तव ने पढ़ा-
शिव भोला हर्षाए
छोटी काशी के
द्वारे हम सब आए
शिव शंकर की नगरी
छोटी काशी में 
छलके कविता गगरी

कपिलश फाउंडेशन द्वारा आयोजित छोटी काशी कवियत्री महाकुम्भ नारी सृजन-शक्ति का अद्वितीय उत्सव है। यह मंच स्त्री-वाणी को गरिमा, संस्कृति और समाज के प्रति उत्तरदायित्व से जोड़ता है। यहाँ साहित्य, संवेदना और परंपरा मिलकर नई चेतना का संचार करते हैं, जिससे काव्यलोक और अधिक समृद्ध होता है।
विनय तिवारी, पूर्व विधायक

छोटी काशी कवियत्री महाकुम्भ  कपिलश फाउंडेशन का अभिनव प्रयास है, जहाँ विविध दिशाओं से आई कवियत्रियाँ अपनी काव्यधारा से समाज को आलोकित करती हैं। यह आयोजन स्त्री-सृजन की शक्ति का प्रमाण है, जो साहित्यिक परंपरा को जीवंत रखते हुए संस्कृति और संवेदनाओं का नया आयाम रचता है।
विजय शुक्ला रिंक, नगर पालिका अध्यक्ष गोला

कपिलश फाउंडेशन का छोटी काशी कवियत्री महाकुम्भ साहित्य और संस्कृति का जीवंत संगम है। यह मंच कवियत्रियों को अपनी प्रतिभा व्यक्त करने का अवसर देकर नारी-शक्ति, संवेदना और काव्य-परंपरा का गौरव बढ़ाता है। यहाँ शब्द केवल कविता नहीं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा और नवचेतना बनकर गूंजते हैं।

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