सनातन धर्म सरस्वती शिशु मंदिर में सत्र 2025-26 हेतु शिशुभारती शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन

लखीमपुर खीरी , 120

लखीमपुर खीरी। 26 अप्रैल 25, दिन शनिवार को विद्याभारती विद्यालय सनातन धर्म सरस्वती शिशु मंदिर, मिश्राना-लखीमपुर में सत्र 2025-26 हेतु शिशुभारती शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मां शारदा के समक्ष अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन,पुष्पार्चन एवं वंदना के उपरांत विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री मुनेंद्र दत्त शुक्ल ने आज के कार्यक्रम का उद्देश्य सभी शिशुओं के समक्ष रखते हुए बताया कि शिशुओं के सर्वांगीण विकास के लिए विद्याभारती विद्यालयों में वर्ष भर अनेकानेक कार्यक्रम होते रहते हंम उन सबके क्रियान्वयन हेतु विद्यालय में शिशुओं का शिशुओं द्वारा बनाया गया एक शिशु भारती विभाग गठित किया जाता है। इस संगठन के अंतर्गत छात्र अपने-अपने विभाग में आचार्य जी के निर्देशन में कार्य करते हुए अनेक सद्गुण सीखते, एवं अपने आत्मविश्वास में वृद्धि करते हैं। शिशु भारती प्रमुख आचार्य श्री उत्तम कुमार मिश्रा ने शिशु भारती के पदाधिकारियों एवं विभाग प्रमुखों की घोषणा की। पूर्व शिशु भारती प्रमुख श्री विजय शंकर तिवारी ने संचालक की भूमिका का निर्वाह करते हुए शिशुओं को जागृत अवस्था में अपने उज्ज्वल भविष्य के सपने देखने की सलाह दी। मुख्य अतिथि डॉ० अरविंद दीक्षित-जो कि इस विद्यालय के पुरातन छात्र एवं शिशु भारती के मंत्री रह चुके हैं ,ने अपने उद्बोधन में शिशुओं को अपने जीवन में अनुशासित रहकर कर्तव्य पथ पर चलते हुए जीवन के लक्ष्य को प्राप्त करने की प्रेरणा दी। विशिष्ट अतिथि श्रीमती श्वेता अवस्थी ने हमेशा सच्चाई की राह पर चलकर परिश्रमपूर्वक कार्य करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम अध्यक्ष आद० राममोहन गुप्त ने आशु कविता के द्वारा शिशु भारती के भैया बहनों के नामों को उनके पदों के साथ संयोजित किया। आपने शिशुओं को प्रेरणा देते हुए कहा कि हमें अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तदनुरूप परिश्रम करना होगा।अध्यक्ष के रूप में भैया ओम मिश्रा ,मंत्री के रूप में ब०रिया तथा सेनापति के रूप में भैया शिवांश गुप्ता को शपथ दिलाई गई। अध्यक्ष भैया ओम मिश्रा ने सभी विभाग प्रमुखों को शपथ दिलाई। इस अवसर पर संकुल प्रमुख डॉ० योगेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व आचार्य श्री हेमनाथ सिंह सहित समस्त आचार्य परिवार उपस्थित रहा। शिशु वाटिका की संचालिका श्रीमती हीरा सिंह ने आए हुए अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन शांति मंत्र के साथ हुआ।

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