भूल गए इतिहास अपना तो भूगोल बदल जाएगा होती जय जयकार उसी की जो रणभूमि लड़ा होता है नव वर्ष के अभिनंदन में हुआ कवि सम्मेलन
लखीमपुर खीरी Apr 07, 2025 at 07:18 PM , 399(के0के0 शुक्ला)
लखीमपुर खीरी। सनातन नववर्ष के अभिनंदन में धर्म जागरण समन्वय विभाग के तत्वाधान में शनिवार की रात,शहर वासियों के लिए यादगार रही, जब दूरदराज से आए अखिल भारतीय स्तर के कवियों ने काव्य पाठ कर शहर वासियों को जहां देश प्रेम का संदेश दिया, वहीं कई ज्वलंत समस्याओं को भी रेखांकित किया। इतना ही नहीं हास्य व्यंग की रचनाओं ने भी श्रोताओं को खूब गुदगुदाया।
के कपूरथला तिराहे पर स्थित एक गेस्ट हाउस विजय लक्ष्मी पैलेस में मध्य रात्रि बाद तक चले इस कवि सम्मेलन में श्रोता बंधे बैठे रहे।
इस सारस्वत कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष सुनील सिंह तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघ चालक स्वर्ण सिंह कंबोज ने माता सरस्वती तथा भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन व माल्यार्पण कर किया। इसी दौरान अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष राजकुमार त्रिवेदी को उमेश मिश्र स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि सीतापुर विभाग प्रचारक अभिषेक तथा ब्लाक प्रमुख नकहा पवन गुप्ता भी मौजूद रहे।
कवि सम्मेलन की शुरुआत लखनऊ से आई कवियत्री संध्या त्रिपाठी ने वाणी वंदना से की। सीतापुर से आए कमलेश मृदु मौर्य के संचालन में, बरेली के कमलकांत तिवारी ने पढ़ा, कह दो भारत की संसद और सियासत दारों से,
जंग नहीं जीती जाती है जंग लगे हथियारों से ।
शाहजहांपुर के गीतकार डा.इंदु अजनबी ने पढ़ा
मेंले और बाजार तुम्हारे होने से, सुरभित यह संसार तुम्हारे होने से।
दीप रंग औ दुआ प्रार्थना में तुम ही,
होते हैं त्योहार तुम्हारे होने से ।
योगेश चौहान ने ओजस्वी रचना से इतिहास का महत्व समझाया। उन्होंने पढ़ा कि भूल गए यदि आप इतिहास अपना तो देश का समूचा भूगोल बदल जाएगा।
सिकंदरा राऊ के देवेंद्र दीक्षित शूल ने पढ़ा, चारों तरफ हों शूल मत दामन बचाइए आप भी गुलाब जैसे मुस्कुराइए ।
कानपुर से आए गीतकार डा.राधेश्याम मिश्र का गीत बहुत सराहा गया। उन्होंने पढ़ा,
जिसका लक्ष्य बड़ा होता है आगे वही खड़ा होता है। होती जय-जय कार उसी की, जो रणभूमि लड़ा होता है।
कार्यक्रम के संयोजक और अपनी ओजस्वी कविताओं के लिए जाने जाने वाले अनिल शुक्ल अमल ने श्री राम मंदिर का जिक्र किया। उन्होंने पढ़ा पांच सदी तक लड़े अनवरत लाखों हैं बलिदान दिए, कितनी पीढ़ी बीत गई हैं मंदिर का अरमान लिए।
इस दौरान कार्यक्रम में कार्यक्रम के आयोजक अधिवक्ता राजीव कुमार तिवारी के साथ अभिजात मिश्रा, दिनेश अवस्थी संदीप सिंह चौहान राजीव पांडे मौजूद रहे।







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