ममता की रोशनी से जगमगाया छेदिया पश्चिम : ANM शांता
लखीमपुर खीरी Apr 04, 2025 at 07:49 PM , 103 राना ने 300 से अधिक नन्हे सपनों को दिया सुरक्षित जीवन
"थारू अंचल में जननी के आँचल की सुरक्षा बनी शांता राना"
"ममता और नवाचार का संगम: DM दुर्गा शक्ति नागपाल ने ANM शांता राना को समर्पित किए सोशल मीडिया हैंडल्स"
लखीमपुर खीरी। नेपाल बॉर्डर से सटे पलिया ब्लाक के थारू बहुल वन क्षेत्र में बसे छेदिया पश्चिम गांव के लिए मातृत्व सुरक्षा अब सिर्फ एक सपना नहीं रही। यहां के आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्वास्थ्य उपकेंद्र में तैनात ANM शान्ता राना अपने अथक प्रयासों से मिशन ममता को साकार कर रही हैं। उनके नेतृत्व में अब तक 300 से अधिक सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराए जा चुके हैं, जिससे गांव की महिलाओं को अब गर्भावस्था और प्रसव के दौरान किसी भी जटिलता से निपटने के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ता। उसकी इस उल्लेखनीय योगदान को सम्मान देते हुए चैत्र नवरात्र पर मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने महिला सशक्तिकरण की अनूठी पहल के तहत ANM शान्ता राना को सोशल मीडिया हैंडल्स समर्पित किए।
24x7 उपलब्ध प्रसव सुविधा
ANM शान्ता राना ने स्वास्थ्य उपकेंद्र में 24 घंटे 7 दिन प्रसव सुविधा उपलब्ध कराकर न सिर्फ ग्रामीण महिलाओं के लिए एक नई उम्मीद जगाई, बल्कि सुरक्षित मातृत्व की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस सुविधा के तहत, महिलाओं को प्रसव से पहले, प्रसव के दौरान और प्रसव के बाद सरकार की मंशा के अनुरूप निःशुल्क उपचार, औषधियां, जांच और चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
स्वस्थ मातृत्व की ओर एक कदम
शान्ता राना बताती हैं कि गर्भवती महिलाओं को उनकी सेहत का विशेष ध्यान रखने के लिए कम से कम चार बार जांचे कराई जाती हैं और कैल्शियम व क्लोरीन की टेबलेट भी दी जाती हैं। इससे मां और बच्चे, दोनों का स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है और जटिलताओं की संभावना कम होती है।
ग्रामीण महिलाओं के लिए वरदान
पहले इस क्षेत्र की महिलाएं प्रसव के लिए दूरस्थ अस्पतालों पर निर्भर थीं, जिससे कई बार जोखिम भी बढ़ जाता था। लेकिन अब, इस उपकेंद्र के माध्यम से महिलाओं को उनके ही गांव में सुरक्षित प्रसव सुविधा मिल रही है। इसका परिणाम यह हुआ कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आई है और महिलाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है। ANM शांता राना का यह समर्पण और सेवा भावना स्वास्थ्य क्षेत्र में एक मिसाल बन गई है। उनके प्रयासों से छेदिया पश्चिम गांव अब स्वस्थ मातृत्व और सुरक्षित प्रसव का आदर्श केंद्र बन चुका है, जो अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा है।






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