जनपद में मच्छरों का आतंक जारी जिम्मेदारों की उदासीनता आमजन पर भारी
लखीमपुर खीरी Mar 20, 2025 at 07:27 PM , 99के0के0 शुक्ला/शत्रुजीत सिंह
लखीमपुर खीरी। यूं तो अब सर्दियों के मौसम में भी मच्छर नहीं जाते लेकिन गर्मी के शुरू होते ही जनपद में विषैले मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगा है, जिससे आमजन बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों तक डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिका और नगर व ग्राम पंचायतों के जिम्मेदार लोग हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। जिम्मेदारों की यह निष्क्रियता जनता पर भारी पड़ रही है, स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिला प्रशासन के लाख दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। नगर के कुछ गली-मोहल्लों में जलभराव की जहां स्थिति बताई जाती है तथा नाले नालियों में मच्छरों का प्रजनन तेजी से हो रहा है। हालत यह है कि अब दिन में भी मच्छरों से किसी को छुटकारा नहीं मिलता,लोग पूजा करने के लिए अगरबत्ती आदि लगाना भले भूल जाए लेकिन मच्छरों के लिए अगरबत्ती आवश्यक हो गई है इसके बाद भी फॉगिंग और एंटी लार्वा स्प्रे जैसे जरूरी उपाय नदारद हैं। विभागो द्वारा कागजी खानापूर्ति कर आंकड़ों को सही दिखाने का प्रयास भले ही किया जा रहा हो, लेकिन सच्चाई कुछ और ही बयां कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में हालात और भी खराब हैं शहरी इलाकों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी मच्छरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। गांवों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहले से ही सीमित हैं, और अब मच्छरों के बढ़ते प्रकोप ने हालात और गंभीर बना दिए हैं। कई ग्रामीण इलाकों में बुखार और त्वचा संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग व अन्य सम्बन्धित जिम्मेदारों का अमला इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है जिससे जनता में आक्रोश बढ़ रहा है, बढ़ती बीमारियों और सरकारी तंत्र की निष्क्रियता से जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। जिले के प्रबुद्ध सम्भ्रांत नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इस मामले में जिलाधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का मानना व कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो यह संकट और विकराल रूप धारण कर सकता है। मच्छरों के आतंक को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को तुरंत सक्रिय होने की जरूरत है। नियमित रूप से फॉगिंग कराई जाए, गंदगी और जलभराव वाले क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाया जाए और बीमारियों की रोकथाम के लिए आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। यदि प्रशासन जल्द से जल्द उचित कदम नहीं उठाता है, तो जिले के नागरिकों को गंभीर स्वास्थ्य संकट का सामना करना पड़ सकता है।






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