साठा धान पर प्रतिबंध को लेकर किसानों ने जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया
लखीमपुर खीरी Mar 18, 2025 at 08:00 PM , 95लखीमपुर खीरी- साठा धान पर प्रतिबंध लगाने को लेकर किसानों ने जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया। जिसके बाद प्रशासन ने किसानों को उनकी मांग को लेकर धरना प्रदर्शन के माध्यम से ए०डी० एम० संजय सिंह व सी०ओ० सदर रमेश कुमार सी ओ सदर को ज्ञापन दिया गया दिया व सहमती बनी अब खीरी जिले में लगेगा साठा धान दरअसल जिला प्रशासन द्वारा प्रतिबंध को लेकर यह आदेश तब जारी किया गया , जब अधिकांश किसानों ने खेतों में पौध लगा दी थी। जिसको लेकर सबसे पहले गोला निवासी किसान नेता कुलवंत सिंह जोशन ने आवाज उठायी थी। कुलवंत सिंह जोशन ने बताया कि साठा धान पर प्रतिबंध लगाने का जो आदेश जिला प्रशासन द्वारा जारी किया गया , वह गलत समय में जारी किया गया। यदि यही आदेश प्रशासन दिसम्बर में जारी करता तो किसान खेतों में पौध नहीं लगाता । दूसरी ओर बजाज चीनी मिल द्वारा किसानों का समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है । भुगतान न किये जाने से किसानों को अपनी आर्थिक स्थिति पर संकट मंडरा रहा है । इस स्थिति से उबरने के लिए साठा धान ही एक मात्र विकल्प बचता है।
गुलरिया मिल ने किसानों के खाते में भेजा गन्ने का भुगतान
लखीमपुर खीरी- 06 मार्च से 11 मार्च 2025 तक खरीदे गए समस्त गन्ने का 17 करोड़ 46 लाख 98 हजार किसानों के खाते में भेजे गए,
गुलरिया चीनी मिल ने वर्तमान सत्र का 402 करोड़ 55 लाख 30 हजार रुपये किसानों के खाते में अबतक भेज चुकी है, मुख्य महाप्रबंधक गुलरिया चीनी मिल ने किसानों से अपील की साफ छिला ताजा गन्ना चीनी मिल को आपूर्ति कर अपना बेसिक कोटा मजबूत करे!
लखीमपुर-खीरी- लखीमपुर की ट्रेनों की समस्या को बसपा सांसद रामजी गौतम राज्यसभा में उठाया! उन्होंने कहा कि लखीमपुर एक महत्वपूर्ण जिला है, जो नेपाल सीमा से लगा हुआ है और पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। इसके बावजूद यहां के लोगों को दिल्ली, मुंबई या अन्य बड़े शहरों की यात्रा के लिए लखनऊ तक आना पड़ता है। सरकार को इस जिले के लिए सीधी ट्रेन सेवाएं उपलब्ध करानी चाहिए, जिससे यहां के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके। क्योंकि यहां के लोगों को दिल्ली जैसे शहरों में जाने के लिए 200 किमी दूर लखनऊ आदि स्थानों पर ट्रेन पकड़ने हेतु जाना पड़ता है






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