तरावीह की नमाज में कुरआन की तिलावत हुई मुकम्मल

लखीमपुर खीरी , 275

हाफिज मोहम्मद रईस ने कुरआन की तिलावत मुकम्मल कर खुशहाली, देश व राज्य की तरक्की, अमन, चैन, शांति की दुआ मांगी

मोहम्मद असलम 

लखीमपुर खीरी खीरी। रमज़ान के मुक़द्दस महीने में पढ़ी जाने वाली तरावीह नमाज में कुरआन की तिलावत मुकम्मल होने का सिलसिला शुरू हो गया है। रमजान माह की 15 तारीख को हाथीपुर उत्तरी की अजमेरी मस्जिद में कुरआन की तिलावत मुकम्मल हो गई। हाफिज मोहम्मद रईस ने यहां तरावीह के दौरान कुरआन की तिलावत मुकम्मल की ख़त्म-ए-कुरआन के इस बाबरकत मौके पर कुरआन की अजमत बयान की। उन्होंने बताया कि कुरआन का पढ़ना और सुनना, दोनों का बेपनाह सवाब है। इसके अलावा रोजे के साथ ही तरावीह में सेहत के राज छिपे हैं। साइंस भी आज इसे मान रही है कि एक साल में कुछ समय के लिए इंसान का भूखा और प्यासा रहना भी जरूरी है इस दौरान सबकी खुशहाली, देश व राज्य की तरक्की, अमन, चैन, शांति की दुआ मांगी गयी. तरावीह मोहम्मद रईस ने पढ़ाया. मौके पर हाफिज जी ने कहा कि साल के 11 माह में नेकियो का बदला अल्लाह फरिश्तों से दिलवाता हैं, लेकिन रमजान माह में जो नेकी करते हैं, उसका बदला अल्लाह खुद देते हैं. उन्होंने लोगों से रोजा रखने, कुरान की तिलावत करने व इबादत करने की बात कही. उन्होंने लोगो से रमजान में दिन का रोजा रखने और रात का तरावीह का नमाज एहतेमाम के साथ पढ़ने की बात कही.

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