कलश स्थापन के साथ स्मरण रखा जाना चाहिए

लखीमपुर खीरी , 151

लखीमपुर खीरी।कलश को सभी देव शक्तियों, तीर्थों आदि का संयुक्त प्रतीक मानकर उसे स्थापित कर पूजा जाता है। कलश स्थापन के साथ स्मरण रखा जाना चाहिए कि हर व्यक्ति,हर क्षेत्र,हर स्थान में धारण करने की अपनी क्षमता होती है। श्रद्धा और पवित्रता से भरी पूरी पात्रता ही धन्य होती है। पात्रता को मंगलमय गुणों से विभूषित किया जाना चाहिए।कलश स्थापना का तात्पर्य है कि ऐसी व्यवस्थित पात्रता पर ही सुख सौभाग्य स्थिर रहते हैं।कलश विश्व ब्रह्माण्ड का प्रतीक है जिसमें सभी तेंतीस कोटि देवी देवताओं का निवास होता है। ईश्वर की महान कृपा जिन पर होती है वही कलश शोभायात्रा में भाग ले पाते हैं। उक्त अमृत वचन हैं श्री वेदमाता गायत्री प्रचार समिति के संस्थापक अध्यक्ष पं राजेश दीक्षित के जिन्होंने ओयल के निकट ग्राम पन्योरा में मौनी बाबा के मंदिर पर श्रीसीताराम यज्ञ के शुभारंभ अवसर पर कलश शोभायात्रा में शामिल माताओं बहनों को संबोधित करते हुए कहे। उक्त अवसर पर भब्य कलश शोभायात्रा श्री वेदमाता गायत्री प्रचार समिति के तत्वावधान में निकाली गई एवं यज्ञशाला में अग्नि स्थापन के साथ श्री सीताराम महायज्ञ का शुभारंभ किया गया। श्रीसीताराम महायज्ञ पांच दिनों तक लगातार चलेगा। श्रीसीताराम महायज्ञ की पूर्णाहुति 11 मार्च को भंडारे के साथ होगी।

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