बायोप्लास्टिक इंडस्ट्री पॉलिसी से सृजित होंगे रोजगार के अवसर- सीएम

लखीमपुर खीरी , 269

लखीमपुर खीरी।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत के पहले पीएलए बायोपॉलिमर प्लांट की आधारशिला रखी जिसका निर्माण बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड द्वारा किया जाएगा।जैव निर्माण में सतत विकास की दिशा में परिवर्तन 2850 करोड़ की पूंजीगत लागत के साथ भारत का पहला पीएलए प्लांट,बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश के कुंभी में भारत के पहले पॉलीलैक्टिक एसिड बायोपॉलिमर विनिर्माण संयंत्र की आधारशिला रखी। इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उपस्थित रहे। यह पहल उत्तर प्रदेश को भारत में बायोपॉलिमर क्रांति का केंद्र बनाती है और राज्य की सतत औद्योगिक विकास की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।उत्तर प्रदेश के कुंभी स्थित बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड की मौजूदा चीनी मिल के समीप स्थित यह अत्याधुनिक विनिर्माण संयंत्र परिचालन तालमेल को एकीकृत कर संसाधनों की दक्षता को बढ़ाएगा और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन को अनुकूलित करेगा। यह संयंत्र 2850 करोड़ के कुल निवेश के साथ वैश्विक प्रौद्योगिकी प्रदाताओं की अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करेगा।यह भारत का पहला औद्योगिक स्तर का बायोपॉलिमर प्लांट होगा और एक नया वैश्विक मानक स्थापित करेगा। यह संयंत्र 100 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा द्वारा संचालित होगा जिससे इसकी पूरी उत्पादन प्रक्रिया पर्यावरण के अनुकूल होगी।यह पहला संयंत्र होगा जहां गन्ने को एक ही एकीकृत स्थान पर पीएलए में परिवर्तित किया जाएगा, जिससे एक पूर्णतः क्लोज-लूप सतत विकास मॉडल को प्रदर्शित किया जाएगा।

प्रमुख विशेषताएं

वार्षिक उत्पादन क्षमता: 80,000 टन
100 प्रतिशत औद्योगिक रूप से कम्पोस्टेबल और जैव-आधारित पीएलए उत्पादन

सिंगल-यूज़ प्लास्टिक विकल्प

स्ट्रॉ,डिस्पोजेबल कटलरी,फूड ट्रे,बोतलें, दही कप और कैरी बैग आदि
ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 68 प्रतिशत तक की कमी
बायोगैस और उर्वरक उत्पादन हेतु एनेरोबिक डाइजेशन क्षमता

इस परियोजना से 225 प्रत्यक्ष और 2,000 से अधिक अप्रत्यक्ष नौकरियां सृजित होने की उम्मीद है,जो उत्तर प्रदेश बायोप्लास्टिक इंडस्ट्री पॉलिसी 2024 के अनुरूप है। इसके अतिरिक्त,तकनीकी संस्थानों के साथ कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं और युवाओं को सतत उद्योगों में सशक्त बनाया जाएगा।


आर्थिक और औद्योगिक प्रभाव

उत्तर प्रदेश को बायोपॉलिमर उत्पादन का केंद्र बनाना
घरेलू एवं विदेशी निवेश आकर्षित करना

ग्रीन केमिस्ट्री और सतत निर्माण को बढ़ावा देना

भारत की परिपत्र अर्थव्यवस्था को मजबूत करना

यह परियोजना 'आत्मनिर्भर भारत' और 'स्वच्छ भारत' अभियानों के अनुरूप है और भारत की वैश्विक सतत निर्माण क्षमताओं को उजागर करती है। सरकार और उद्योग निकायों के सहयोग से यह परियोजना पैकेजिंग, खाद्य सेवा उपकरण, बायोमेडिकल, कपड़ा और अन्य क्षेत्रों में पीएलए के बड़े पैमाने पर उपयोग को प्रोत्साहित करेगी।

नेतृत्व की प्रतिक्रियाएं
विवेक सरावगी चेयरमैन एवं एमडी, बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड,माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की उपस्थिति में इस परियोजना की आधारशिला रखना हमारे लिए अत्यंत गर्व का क्षण है।यह भारत की औद्योगिक स्थिरता यात्रा में एक ऐतिहासिक कदम है।औद्योगिक स्तर पर पीएलए का उत्पादन कर, हम जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम कर रहे हैं और जिम्मेदार निर्माण के नए मानक स्थापित कर रहे हैं। यह कंपनी के 50 वर्षों की विरासत में सबसे बड़ा निवेश है और बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड सतत एवं आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अग्रसर है।


सुश्री अवंतिका सरावगी, कार्यकारी निदेशक, बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड ने बताया कि यह संयंत्र प्रगतिशील नीतिगत ढांचे और निजी क्षेत्र के नवाचार के बीच तालमेल का उदाहरण है। यह उत्तर प्रदेश को बायोपॉलिमर उत्पादन में अग्रणी बनाएगा और भारत को वैश्विक बायो-आधारित अर्थव्यवस्था में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करेगा। इस परियोजना के माध्यम से हम भारत की परिपत्र अर्थव्यवस्था को सशक्त करेंगे और प्लास्टिक आयात पर निर्भरता कम करेंगे।

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