“भगवान की प्राप्ति के लिए आगे बढ़ते रहें

लखीमपुर खीरी , 452

“भगवत् कृपा ही केवलम्”

महाकुंभ नगर प्रयागराज/लखीमपुर।
 

सन्त ज्ञानेश्वर स्वामी सदानन्द जी परमहंस द्वारा संस्थापित संस्था सदानन्द तत्त्वज्ञान परिषद् के तत्त्वावधान में महाकुंभ मेला सेक्टर 18 हरिश्चंद्र चौराहा स्थित शिविर में सत्संग सुनाते हुए महात्मा दीपक दास ने कहा, अगर हम दृढ़ संकल्पित होकर भगवद प्राप्ति के मार्ग में आगे बढ़ना चाहते हैं और इसके लिए आवश्यक हो तो ये अनमोल मानव शरीर को भी त्यागने का भाव रखते हैं तो यह एक श्रेष्ठ भाव है क्योंकि परमेश्वर ही इस सृष्टि का सर्वे सर्वा है, परमेश्वर से बढ़कर कुछ भी नहीं है और मनुष्य जीवन एकमात्र परमात्मा परमेश्वर को ही प्राप्त करने के लिए मिली है ।  
उन्होंने आगे कहा कि संगम स्नान से हमे पुण्य की प्राप्ति होती है जिसके प्रभाव से स्वर्ग की प्राप्ति हो सकती है परंतु स्वर्ग क्या ब्रह्मलोक शिवलोक तक आवागमन के अंतर्गत में रहते हैं। जब तक परमेश्वर की प्राप्ति नहीं हो जाती तब तक कोई इस आवागमन की चक्कर से नहीं निकल सकता। महात्मा जी ने कहा कि कुंभ स्नान या कोई भी तीर्थ स्नान का महत्व केवल कर्मकांड में मात्र नहीं है , इसका महत्व इसलिए भी है कि अवतार बेला में स्वयं भगवान या भगवान को जानने पाने वाले  ऐसी जीवात्माओं का उद्धार कल्याण के लिए यहां आते हैं जो मोक्ष अर्थात भगवद प्राप्ति की कामना लेकर यहां आये हैं और उन्हें सत्संग और शंका समाधान का दुर्लभ अवसर प्रदान करते हैं जो भगवद प्राप्ति का एकमात्र माध्यम है । उन्होंने कहा कि भगवान श्री सदानंद जी के संरक्षण में सदानन्द तत्त्वज्ञान परिषद् धर्म–धर्मात्मा–धरती रक्षार्थ मानव कल्याण हेतु इस संगम क्षेत्र में हर साल सत्संग और शंका समाधान कार्यक्रम का आयोजन करता है।

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