“यह संसार झूठा, सत्य केवल परमात्मा परमेश्वर: महात्मा दीपकदास जी”

लखीमपुर खीरी , 572

“भगवत् कृपा ही केवलम्”

                          
महाकुंभ प्रयागराज/लखीमपुर।
                                     सन्त ज्ञानेश्वर स्वामी सदानन्द जी परमहंस द्वारा संस्थापित संस्था सदानन्द तत्त्वज्ञान परिषद् के तत्त्वावधान में महाकुंभ मेला हरिश्चंद्र चौराहा स्थित शिविर में सत्संग सुनाते हुए महात्मा दीपक दास ने कहा, यह संसार जैसा दिख रहा है इसकी यथार्थता वैसा नहीं है। यह दिखता जरूर है लेकिन जिस प्रकार अंधेरे में रस्सी भी सर्प जैसे प्रतीत होती है, इसी प्रकार ये संसार अज्ञान की अवस्था में सत्य जैसा दिखाई देता है, जैसे “झूठहू सत्य जाहि बिनु जाने, जिमि भुजंग बिनु रजु पहचाने” उन्होंने इसका अर्थ समझाते हुए कहा, यह संसार है तो झूठ लेकिन यथार्थ ज्ञान न होने के कारण यह सब सत्य प्रतीत होता है और जब भगवान असीम कृपा करके सदगुरु रूप में ज्ञान देते है तब यह स्पष्ट देखने को मिलता है कि यह संसार सत्य नही बल्कि सब असत्य है, “जेहि जाने जग जाए हेराई, जागे जथा सपन भ्रम जाई” ।  जैसे जब ज्ञान रूपी प्रकाश रस्सी रूपी संसार पर पड़ता है तब दिखाई देता है की संसार बद से भी बदतर झूठा है । हमारे सदगुरु देव परमपूज्य स्वामी सदानन्द जी परहंस ने ज्ञान दृष्टि देकर दिखाया कि देखो एक मात्र परमब्रम्ह परमात्मा ही सत्य है बाकी सारा संसार मिथ्या है जैसा कि लिखा भी है-  ब्रह्म सत्य जगत मिथ्या । सत्संग के पश्चात उनके भजन – “ये माया तेरी बहुत कठिन है राम” को सुनकर सभी झुमने लगे।

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