खादी और ग्रामोद्योग आयोग, लखनऊ द्वारा खादी इण्डिया के लोक शिक्षण कार्यकम के अन्तर्गत युवराज दत्त महाविद्यालय में संगोष्ठी का आयोजन
लखीमपुर खीरी Feb 10, 2024 at 09:37 PM , 234लखीमपुर खीरी। खादी और ग्रामोद्योग आयोग, लखनऊ द्वारा खादी इण्डिया के लोक शिक्षण कार्यकम के अन्तर्गत युवराज दत्त महाविद्यालय,
लखीमपुर खीरी में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यकम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन व सरस्वती वंदना से किया गया। गाधी जी के प्रिय भजन वैष्णव जन तो का गायन छात्रा साक्षी अवस्थी तथा रघुपति राघव राजाराम का गायन छात्रा दिशा यादव द्वारा किया गया। अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. ज्योति पत ने गोष्ठी में विषय प्रवर्तन करते हुए खादी और ग्रामोद्योग से जुडे विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किये। दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष एव चीफ प्राक्टर प्रो सुभाष चन्द्रा ने गाधी जी के दार्शनिक विचार एवं खादी व कुटीर उद्योग के अन्तर सम्बन्धों के बारे में विस्तार से बताया। प्रो. सजय कुमार विभागाध्यक्ष राजनीति विज्ञान विभाग ने महात्मा गांधी के राजनीतिक, आर्थिक व सामाजिक विचार रखते हुए वर्तमान समय में उसे प्रासंगिक बताया। डॉ डी एन मालपानी, विभागाध्यक्ष वाणिज्य ने बताया कि प्रत्येक देश अपनी विशिष्टता के आधार पर उत्पादन करता है। भारत में प्रचुर मानव संसाधन को दृष्टिगत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग भविष्य में रोजगार सृजन एवं स्वरोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देंगे। मुख्य वक्ता डॉ नितेश धवन, राज्य निदेशक, खादी और ग्रामोद्योग आयोग, लखनऊ ने छात्रों को खादी और ग्रामोद्योग द्वारा उपकम आरम्भ करने के लिये प्रेरित करते हुए खादी और ग्रामोद्योग की विभिन्न योजनाओं के सम्बन्ध में आयोग द्वारा प्रदत्त इंसेटिव व सब्सिडी के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही विद्यार्थियों को आश्वासन दिया कि यदि कोई उद्यम या उपलब्ध आरम्भ करना चाहता है तो उनका विभाग सम्पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा। भारत के जनांकीय लाभास को देखते हुए आत्म निर्भर भारत के लिये गाधी जी व ग्रामोद्योग प्रासागिक हैं। कार्यकम के मुख्य अतिथि डॉ. एस.सी. मिश्र, पूर्व विभागाध्यक्ष राजनीति विज्ञान विभाग ने अपने उद्बोधन में कहा कि गांधी जी केवल बौद्धिक संगोष्ठी का विषय नहीं है, गांधी जी तो गांव में बसते हैं। इसलिए हमे गांधीवादी विचारों को जनमानस तक पहुंचाने का कार्य करना चाहिए। विद्यार्थियों को वाह्यअन्तर शुद्धि, संतोष, संयम, स्वाध्याय के लिये प्रेरित किया अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य प्रो हेमन्त पाल ने कहा कि गांधी जी के चरखा व स्वदेशी के विचार ने स्वतंत्रता आंदोलन को एक नई गति प्रदान की, जिसमें गांव-गांव तक इस आंदोलन का प्रचार-प्रसार किया। वर्तमान समय में स्वावलंबन के लिये खादी और ग्रामोद्योग विभाग महत्वपूर्ण भूमिका रहा है। इस अवसर पर आयोजित कुटीर उद्योग बनाम पूँजीप्रधान उद्योग वर्तमान परिदृष्यि में आधुनिक भारतीय अर्थव्यवस्था में योगदान विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता में अंशिका बातपेई प्रथम, लायबा अंसारी द्वितीय, कार्तिक तृतीय व यश वर्धन सांत्वना पुरुस्कार प्राप्त किया। इसी कम में निबन्ध प्रतियोगिता में शाजिया खान प्रथम, काव्या शुक्ला द्वितीय, दिव्या तृतीय व दिशा यादव को सांत्वना पुरूस्कार प्राप्त हुआ। इस अवसर पर खादी और ग्रामोद्योग विभाग द्वारा अपने उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगायी गई। कार्यकम में खादी और ग्रामोद्योग आयोग के सह निदेशक श्रीमती दिव्या श्रीवास्तव व श्री प्रशाक कुमार, श्री आलोक तथा महाविद्यालय के शिक्षक व बड़ी संख्या में छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे।






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