वरिष्ठ पत्रकार ने अपनी शिकायत के संदर्भ में जारी किया अभिकथन मामला थाना प्रभारी के द्वारा अभद्रता किए जाने का
लखीमपुर खीरी Sep 17, 2026 at 06:59 PM , 15(हरिशंकर मिश्र)
लखीमपुर खीरी। जिले के जाने माने वरिष्ठ पत्रकार अनिल कोबरा के साथ थाना प्रभारी फ़रधान के द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। इससे क्षुब्ध होकर पत्रकार ने थाना प्रभारी फ़रधान निराला तिवारी के विरुद्ध संदर्भ संख्या 92 61 53 00 06 77 9 6 2 से 10 76 पर 09 जुलाई 2026 को शिकायत दर्ज कराई है तथा सक्षम जांच अधिकारी के लिए 07 अगस्त 2026 को जारी किए गए लिखित अभिकथन में वरिष्ठ पत्रकार अनिल कोबरा ने कहा है कि दैनिक फ़ोकस टाइम्स लखनऊ स्थित कार्यालय में अपने समाचार पत्र को संपादित कर रहा था तभी मुझे मेरे लखीमपुर के रिपोर्टर के माध्यम से प्राप्त मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य से संबंधित समाचार प्राप्त हुआ जिसमें प्राचार्य पर यह आरोप लगाते हुए लिखा गया कि कॉलेज की प्राचार्य डॉक्टर वाणी गुप्ता द्वारा अपने वाहन चालक के माध्यम से कॉलेज में नौकरी लगवाने के लिए अवैध वसूली की जा रही है और उसमें जिसे नौकरी नहीं मिली है ऐसे लोगों द्वारा जनपद खीरी के पुलिस थाना फरधान के प्रभारी को प्रधानाचार्य के विरुद्ध एफ आई आर दर्ज कराने हेतु तहरीर दी गई है, समाचार की पुष्टि हेतु थाना प्रभारी निराला तिवारी के सरकारी नंबर पर 9454 40 37 78 पर रात के 09- 31 बजे 8 जुलाई 2026 को संपर्क किया गया और उन्हें अपना परिचय देते हुए उनसे जानना चाहा कि मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य के विरुद्ध एफआईआर हेतु दर्ज कराने हेतु तहरीर दी गई है कि नहीं? इतना सुनते ही थाना प्रभारी निराला तिवारी ने अश्लील अभद्र अशिष्ट शब्दों का प्रयोग करते हुए कोई जवाब देने से मना करके फोन काट दिया गया। थाना प्रभारी के स्तर पर ऐसे व्यवहार से दुखी होकर जब मैंने उनसे कहा कि आपके इस आचरण की शिकायत अभी पुलिस महानिदेशक से करूंगा और मैं ऐसा किया भी परन्तु थाना प्रभारी जाने किस मूड में थे कि उन्होंने इसे भी गंभीरता से नहीं लिया जिससे मैंने स्वयं को बहुत अपमानित महसूस किया और आत्मिक रूप से आहट भी हुआ क्योंकि ऐसी घटना मेरे जीवन में पहली बार घटी है साथ यह भी बताना चाहूंगा कि मैं जिले के सम्मानित परिवार से हूं। मेरे बड़े भाई सेवानिवृत डीआईजी हैं तथा मेरे पिता भी पुलिस सब इंस्पेक्टर थे। इसलिए मैंने व्यथित मन से मैंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर अपने अंतर्मन की वेदना को तत्काल दर्ज करवा दिया। यह हालात तब है जब प्रदेश में वर्तमान योगी सरकार एवं न्यायालय पत्रकारों के पेशेवर अधिकारों और उनकी सुरक्षा को महत्वपूर्ण मानती है शासन और पुलिस प्रशासन द्वारा समय-समय पर निर्देश दिए जाते हैं कि मैं मैदानी स्तर पर पुलिसकर्मी मीडिया कर्मियों के साथ गरिमा पूर्ण और शिष्टाचार युक्त व्यवहार करें।






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