उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान के द्वारा किया गया संस्कृत संभाषण के चतुर्थ चक्र का शुभारंभ
लखीमपुर खीरी Nov 29, 2021 at 10:40 PM , 452लखीमपुरखीरी।उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान लखनऊ भाषा विभाग उत्तर प्रदेश शासन द्वारा आयोजित 20 दिवसीय सरल संस्कृत भाषा शिक्षण कार्यशाला का शुभारम्भ दिनांक 29 नवंबर 2021 को हुआ।सम्भाषण कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में संस्थान के अध्यक्ष प्रो. वाचस्पति मिश्र उपस्थित रहें। उन्होंने कहा कि संस्कृतभाषा विश्व की प्रथम एवं वैज्ञानिक भाषा है । जो संस्कृत में है वह ब्रह्मांड में है जो संस्कृत में नहीं वह ब्रह्मांड में भी नहीं। संस्कृत भाषा जन-जन की भाषा हो इसके लिए चलाए जा रही कार्यशालाओं के समस्त प्रशिक्षकों को साधुवाद दिया तथा प्रथम स्तरीय सरल संस्कृत संभाषण में प्रतिभाग करने वाले समस्त प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। और साथ ही साथ संस्कृत अनुरागियों को संस्कृत कार्यशाला में नियमित प्रतिभाग करने हेतु प्रेरित किया। कार्याशाला में उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान की प्रशिक्षिका मीना कुमारी, सविता मौर्या एवं शांति देवी के द्वारा प्रथम दिवस संस्कृत में परिचय, सर्वनाम और क्रियापद आदि का प्रशिक्षण प्रदान किया । उक्त कार्यशाला में सम्पूर्ण भारतवर्ष से संस्कृत भाषा का रसस्वादन करने के लिए सचिन कुमार ,आयुष जैन, आनंद स्वामी, कीर्ति ,आंचल, कृष्ण कुमार जोशी, हिमांशु शुक्ला, बद्री प्रसाद आदि सहित 70 से अधिक लोगों ने गूगल एप के माध्यम से प्रतिभाग किया।एवं प्रशासनिक अधिकारी दिनेश मिश्र ने अपने अपने विचार प्रकट किये । प्रशिक्षिका मीना कुमारी ने 29 नवंबर से 22 दिसंबर तक प्रातः 10 बजे से 11 बजे तक कक्षा का संचालन करेंगी । इन कक्षाओं के लिए उत्तर प्रदेश सहित देश के सभी राज्यों के आठ हजार प्रतिभागियों ने मिस काल के माध्यम से पंजीकृत किया। 47 कक्षाओं के द्वारा सभी ने भाषा शिक्षण में प्रतिभाग किया । इस अवसर समस्त प्रतिभागियों सहित संस्थान के पदाधिकारि गण एवं योजना के क्रियान्वयन गण में प्रशिक्षण प्रमुख सुधीष्ठ मिश्र , सहायक प्रशिक्षण प्रमुख सुशील कुमार, प्रशिक्षण समन्वयक धीरज मैठाणी सम्मिलित रहें ,तथा अन्य संस्कृतानुरागी सामाजिक जन भी समुपस्थित रहें ।






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