प्रदेश के रंगमंच से जुड़े कलाकारों की हालत कोरोना की वजह से बदतर नहीं मिला सरकार से कोई उन्हें सहयोग कलाकारों की माली हालत ठीक नहीं, आय के साधन हैं कार्यक्रम
लखीमपुर खीरी Jul 23, 2021 at 07:52 PM , 456के0के0शुक्ला/उपेन्द्र सिंह
लखीमपुर खीरी। कोरोना काल को देश में आए धीरे धीरे डेढ़ साल से ज्यादा होने को हो रहा है इसके मद्देनजर लाक डाउन की स्थितियों ने और काम ना होने की वजह से व सरकार द्वारा कोरोना प्रोटोकॉल का महत्वपूर्ण ढंग से लागू कराने की स्थितियों ने सभी की आर्थिक स्थितियों को कमजोर कर डाला। कोरोना का प्रभाव सभी पर है और सब के काम धंधों पर प्रभाव पड़ा है ।बताते चलें कि प्रदेश में आर्केस्ट्रा जागरण पार्टी को चलाने वाले व इससे जुड़े हुए कलाकारों की स्थितियां इन दिनों बेहद खराब है ।कोरोना प्रोटोकॉल जारी होने की वजह से ना तो इनके पास कोई कार्यक्रम ही है और ना ही उन कार्यक्रमों की अभी तक कोई आश व होने वाला आर्थिक श्रोत ही नजर आ रहा है। इन कार्यक्रमों को हुए एक लंबा समय हो गया है और यह कलाकार अब सरकार द्वारा जारी आदेशों का इंतजार कर रहे हैं और मदद की भी आश लगाए हुए हैं , क्योंकि बहुत से ऐसे कलाकार हैं जिनकी जीविका सिर्फ यह कार्यक्रम ही हुआ करते थे जिनसे कमाई कर यह लोग अपने परिवार का भरण पोषण किया करते थे। बहुत सारे ऐसे प्रतिभावान कलाकार हैं जो कि अपनी प्रतिष्ठा बनाए हुए हैं और उनका कहना है कि अब वह कोई दूसरा काम इसे छोड़ कर नहीं कर सकते प्रतिष्ठा दांव पर लग जाएगी। सरकार मदद को आगे आए या कुछ ऐसे नियम लागू करें कोरोना प्रोटोकाल के मद्देनजर जिससे कार्यक्रम शुरू हो सके और जीविका चलाने और आय करने की कोई बात बने। बताते चलें बहुत सारे ऐसे कलाकार हैं जो अपने परिवार का भरण पोषण करने के लिए खर्चा उठाने के लिए सब्जी का ठेला और खोखा रखके परचून की दुकान तक चलाने लगे हैं। जनपद खीरी के बहुत से आर्केस्ट्रा व जागरण पार्टी चलाने वाले कलाकारों से बात की गई तो पता चला कि आजकल वह किन स्थितियों में जीवन यापन कर रहे हैं और वह क्या कहते हैं खुद बता रहे हैं । शहर लखीमपुर के रहने वाले आर के इंटर ट्रेनर म्यूजिकल ग्रुप के गायक कलाकार राजेश दीक्षित एडवोकेट कहते हैं कि कार्यक्रम डेढ़ साल से बंद हैं। फरवरी 2020 से कार्यक्रम नहीं हुए कलाकार भूखों मर रहा है सरकार को उनकी स्थितियों का संज्ञान कराने को कई बार ज्ञापन दिए गए पर अब तक कोई आश्वासन नहीं मिला। रात में राष्ट्रीय कर्फ्यू अभी तक लगा हुआ है जिसकी वजह से कार्यक्रम कराने की अनुमति नहीं है ।सरकार से ना तो हम लोगों को कोई पेंशन ही है और ना ही किसी प्रकार का सहयोग ही अभी तक मिल रहा है ।इसी ग्रुप से जुड़े हुए इंद्रेश कुमार जो कि गिटार बजाते हैं ग्राम कटिया पोस्ट गोपालापुर में रहते हैं कहते हैं कि सरकार को पिछले साल फार्म भर कर दिया था लेकिन अभी तक कोई अनुदान नहीं आया ।आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है वह पूर्णतया आर्केस्ट्रा जागरण के कार्यक्रमों पर निर्भर हैं जो कि बंद है। कहते हैं कि इन दिनों खेतीबाड़ी कर रहे हैं। वहीं शहर लखीमपुर के रहने वाले व पैड बजाने वाले विनीत त्रिवेदी कहते हैं की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं ।बच्चों की अभी तक फीस जमा नहीं हो पाई है बिजली का बिल भी अभी तक जमा नहीं कर पाए हैं।आय के स्रोत कार्यक्रम हैं जो कि बंद है ।पत्नी बीमार है इलाज कराने में दिक्कतें आ रही हैं ,सरकार से कोई अब तक मदद नहीं आई। आय का अन्य कोई जरिया नहीं है । खीरी टाउन में रहने वाले रमन एंड पार्टी के ऑर्गेनाइजर राघवेंद्र सिंह रमन का कहना है कि कोरोना के काल से लाक डाउन में सरकार ने श्रमिकों को, किसानों को, मजदूरों को अनुदान दिया लेकिन कलाकारों के कार्यक्रम बंद हो गए आय नहीं रही उन्हें कुछ नहीं मिला। आर्केस्ट्रा, जागरण ,भजन संध्या सब बंद हैं ,कलाकारों को आर्थिक सहयोग मिले, कलाकारों को कोरोना गाइडलाइन के मद्देनजर सरकार अनुमति प्रदान करें कि यह कलाकार भी अपनी आय के लिए कुछ कर सकें । इसी ग्रुप से जुड़ी व शहर लखीमपुर के शिवपुरी मोहल्ले की रहने वाली गायिका अंजली तथा इसी ग्रुप की गायिका शिखा व नृत्यांगना प्रियांशी के पास भी आय का अन्य कोई स्रोत ना होने की वजह से उनकी आर्थिक स्थित ठीक नहीं है। वहीं गोला गोकर्णनाथ मोहल्ला स्टेशन निवासी बद्री प्रसाद जो कि गायक और वादक कलाकार हैं राजन एंड साजन ग्रुप के, कहते हैं कि सुंदरकांड के कार्यक्रम भी अभी तक मिल रहे थे वह भी बंद हो गए, कमाई बंद हो चुकी है ।एक छोटी सी दुकान किराए पर ले रखी है जिससे बकरम व फाल बेचकर गुजारा कर रहे हैं । गोला के ही मुन्नू गंज निवासी राहुल जयसवाल जो कि जागरणों में झांकी का कार्यक्रम करते हैं इन दिनों दिहाड़ी मजदूरी कर रहे हैं ।कहते हैं कि कार्यक्रम सब कैंसिल हैं सरकार से अपील है कि कलाकारों के लिए भी कुछ करें ।जनपद के ब्लाक निघासन के थाना सिंगाही के अंतर्गत ग्राम सिंघौना के रहने वाले ध्रुव कुमार जयसवाल जोकि पैड बजाते हैं उनका कहना है कि अन्य कोई धंधा ना होने की वजह से अब वह बेकार हैं। कार्यक्रम कोरोना की वजह से हैं नहीं आर्थिक स्रोत में अब जीविका चलाने को खेती पर निर्भर हैं । वह आर्टिस्ट एंड साउंड एसोसिएशन से जुड़े हैं साथ ही साथ बताते हैं कि सिंगाही क्षेत्र के ही रहने वाले अन्य कलाकार अनिल थापा ढोलक वादक, संतोष शर्मा आर्गन प्लेयर व राजेंद्र गुप्ता की स्थिति दयनीय बनी हुई है ।उनके पास आय का अन्य कोई स्रोत नहीं है। जनपद बहराइच के ग्राम व पोस्ट चकरिया के रहने वाले हेमू तिवारी जागरण पार्टी के गायक कलाकार हैं बताते हैं कि जीवन यापन खराब स्थिति में है छोटे काम कर नहीं सकते सब्जी का ठेला नहीं लगा सकते ।कभी-कभी कथा के कार्यक्रम मिल जाते थे वह भी बंद हैं ।जीवन यापन मुश्किल में है। वही उत्तर प्रदेश के सीतापुर के मोहल्ला दुर्गा पुरवा में रहने वाले गजल गायक हिमांशु मिश्रा कहते हैं की कहीं अगर कार्यक्रम मिल भी जाता है तो वह कानून के भय से कैंसिल हो जाता है ।पुलिस का कहना है कि भीड़ ना लगे कार्यक्रम में कम से कम लोग होने चाहिए, जिस कारण प्रोग्राम हो नहीं पाते। आर्ट पर जिंदा कलाकार भरण पोषण के लिए इन स्थितियों में क्या करे , अपने घर परिवार के जेवर गहने बेंचकर अब तक भरण पोषण कर रहे हैं ,बड़ी त्रासदी में जी रहे हैं। शाहजहांपुर जिले के शाह म्यूजिकल ग्रुप के गायक कलाकार अजीज खान कहते हैं कि प्रशासन को कलाकारों की सुध लेनी चाहिए व उनकी मदद करनी चाहिए।






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