नए पंचायती कार्यकाल के साथ क्या पुराने पंचायती काल मे हुए भ्रष्टाचार पर गिरेगा पर्दा या फिर होगी कार्यवाही
लखीमपुर खीरी Jun 04, 2021 at 09:04 PM , 181साक्ष्य के साथ ग्रामीणों ने की थी उच्चाधिकारियों से भ्रष्टाचार की शिकायत,कार्यवाही न होने से नाराज ग्रामीण
गांव में हुए भ्रष्टाचार की जांच कराने के लिए ग्रामीण कई बार दे चुके हैं शिकायती पत्र
मैंगलगंज/लखीमपुर खीरी। त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव के सकुशल संपन्न होने के बाद अगली पंचायती कार्यकाल में प्रधानों की एक बैठक भी हो गई लेकिन जिला लखीमपुर खीरी की कई ग्राम सभा जो पूर्व से ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी हैं क्या उन ग्राम प्रधानों और ग्राम पंचायत अधिकारी के भ्रष्टाचार का हिसाब लिया जाएगा या फिर भ्रष्टाचार के मामलो को ठंडे बस्ते मे ही रख कर दबा दिया जाएगा।आपको बताते चलें कि जिला लखीमपुर खीरी की तहसील मितौली के ब्लाक पसगवां की ग्राम पंचायत हैरम खेड़ा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ने से काफी सुर्खियों मे रही है। इस ग्राम सभा में भ्रष्टाचार का पहले से बोलबाला रहा है यह ग्राम पंचायत पूर्व में भी कई अखबारों की सुर्खियां बन चुकी है उसके बाद भी इस ग्राम पंचायत में हुए भ्रष्टाचार की जांच को लेकर के कोई भी अधिकारी कार्यवाही करने से डरता हुआ नजर आ रहा है आखिर ऐसा क्या मामला है कि इस ग्राम पंचायत में हुए भ्रष्टाचार की जांच करना अधिकारियों के लिए कोई फांस तो नहीं बनती जा रही है जिसकी वजह से गांव में भ्रष्टाचार की शिकायत को नजरअंदाज किया जा रहा है।जिस वजह से गांव की जनता ने इस बार प्रधान बदलने का फैसला लिया लिहाजा चुनाव के बाद गांव को नया प्रधान मिल गया।लेकिन जहां एक तरफ गांव की जनता को नए प्रधान मिलने से गांव में विकास कार्य होने की उम्मीद अब और भी ज्यादा बढ़ गई है लेकिन वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों के मन मे पूर्व मे हुए ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही ना किए जाने से नाराजगी भी है।मालूम हो कि गांव के ही कुछ युवा लोगों ने भ्रष्टाचार को लेकर अधिकारियों को जानकारी देकर कार्यवाही कराने की कोई भी कसर नहीं छोड़ी,दर्जनों जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायतें भी की,उच्च अधिकारियों के सम्मुख साक्ष्य भी प्रस्तुत किए।लेकिन नतीजा शून्य रहा। जिससे ग्रामीणों को अधिकारियों की कार्यशैली पर संदेह प्रतीत होने लगा।
बॉक्स में
गांव के युवा वर्ग के लोगो के लगाए गए आरोप
पूर्व प्रधान पति हरद्वारी लाल ने अपने ही सगे भाई बहादुर पुत्र धनीराम को सरकारी आवास दिलाया
गांव के ही निवासी लालाराम पुत्र राम रतन को शौचालय की एक ही किस्त मिली दूसरी किस्त हुई हड़प और शौचालय अधूरा पड़ा हुआ है
गांव निवासिनी राजेश्वरी के पास लगभग 22 से 23 बीघा खेत व पूर्व में पक्का आवास होने के बावजूद भी मिला सरकारी आवास
गांव के राजपाल अविवाहित होने के बावजूद अपनी भाभी के साथ कुछ समय के लिए अनुबंध पत्र बनवा कर सरकारी आवास हासिल कर लिया
गांव में ही लगे खड़ंजा की ईट को उखाड़कर व्यक्तिगत इस्तेमाल में किया गया
ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों को शिकायत संबंधित सभी साक्ष्य सहित दस्तावेज प्रस्तुत किए लेकिन सारी शिकायते नाकामयाब रही। ग्रामीणो का अधिकारियों की कार्यशैली पर जरा भी विश्वास नहीं रहा। फिलहाल ग्रामीणों ने संवाददाता से बात कर बताया कि जब तक पूर्व प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी के द्वारा किए भ्रष्टाचार पर उच्च अधिकारी कोई सख्त कार्रवाई नहीं करेंगे तब तक अगली पंचायती कार्यकाल में किसी प्रकार के नए कार्य को नहीं होने देंगे और भ्रष्ट वीडीओ व पूर्व प्रधान के लिए जल्द ही अधिकारियों के सामने समूह बनाकर लामबंद होंगे।
इस संबंध में जब पसगवां वीडियो से जानकारी मांगी गई तो उनका जबाब सुनकर हैरान कर देने वाला था,उन्होंने कहा कि यदि एक बार फिर से मुझे सभी शिकायतें एक ही पत्र पर लिखकर दे दी जाए तो मैं कार्रवाई अवश्य करूंगा, इससे यह स्पष्ट होता है कि इस भ्रष्टाचार की जड़ में कई अधिकारियों की गर्दनें भी फंस सकती हैं जिससे इस गांव में हुए भ्रस्टाचार की जांच करना अधिकारियों के बस से बाहर है इसलिए गांव में बहुत बड़ा घोटाला और भ्रष्टाचार हुआ है जिसकी जांच करना अधिकारियों के बस के बाहर हो रही है।






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