नामजद अभियुक्त दो माह उपरान्त भी पुलिस की पकड़ से दूर

लखीमपुर खीरी , 176

मोहम्मदी-खीरी। कोतवाली की नाक के नीचे 31 मार्च की रात में हुए दोहरे हत्याकांड का नामजद अभियुक्त आज दो माह बीत जाने के उपरान्त भी पुलिस की पकड़ से दूर है। अभियुक्त के घर की तलाशी में उसके दो मोबाइल बरामद कर पुलिस अपनी पीठ थपथपाने का काम किया था। जबकि अभियुक्त के द्वारा मोबाइल छोड़कर फरार होना अभियुक्त के शातिराना अंदाज को जाहिर करता है। अगर ये मोबाइल अभियुक्त के पास होते तो पुलिस उसकी लोकेशन ट्रेस कर सकती थी। हत्या कांड के दूसरे दिन ही पुलिस अधीक्षक ने मोहम्मदी आकर इस दोहरे हत्याकांड पर कोतवाली पुलिस एवं क्राइम ब्रान्च ने क्या किया की जानकारी लेते हुए अभियुक्त को शीघ्र गिरफ्तार किये जाने की हिदायत भी दी थी। मृतक रामकृष्ण के पुत्र अनिल कुशवाहा ने उच्चाधिकारियो सहित देश के हाईकोर्ट व सुप्रिम कोर्ट में भेजे गए प्रार्थना पत्रो में मांग की है कि 31 मार्च 2021 की रात 10ः30 बजे अभियुक्त इन्द्रपाल द्वारा उसके घर में घुसकर उसके पिता रामकृष्ण की गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी जब उसकी मां गुड्डी उसके पिता को बचाने आई तो इन्द्र पाल ने उसके भी सर पर गोली मार कर हत्या कर दी और फरार हो गया। इस दोहरे सनसनी खेज हत्याकांड का मुकदमा पुलिस ने उसकी तहरीर पर मु0अ0सं0 154 धारा 302 के अन्तर्गत दर्ज कर लिया घटना के बाद से पुलिस अभियुक्त इन्द्रपाल की तलाश में छापामार कार्यवाही भी की। क्राईम ब्रान्च सहित पुलिस की कई टीमे लगी है। जासूस कुत्ते ने भी अभियुक्त को तलाशने के प्रयास किये लेकिन चतुर अभियुक्त आज दो माह बीत जाने के बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर है। इस दोहरे हत्याकंाड पर पुलिस अधीक्षक खासे गम्भीर नजर आ रहे थे। घटना की रात सूचना पाते ही आनन-फानन मोहम्मदी आ पहुंचे थे और घटना स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। पुनः मोहम्मदी आकर प्रगति की जानकारी लेते हुए अभियुक्त को गिरफ्तार किये जाने की हिदायत दी। फिर एक अफवाह उड़ी कि दोहरे हत्याकांड का अभियुक्त एक अधिवक्ता के माध्यम से पसगवां कोतवाली में सरेन्डर हो गया। जब इसकी जानकारी ली तो पता लगा कि यह अफवाह थी। छापामार कार्यवाही एवं अभियुक्त के मकान की तलाशी के दौरान उसके दो मोबाइल घर से बरामद हुए। जिनकी बरामदगी पर पुलिस अपनी पीठ थपथपा ली थी। वही अभियुक्त कितना चतुर है ये इस बात से साबित हो जाता है कि ये पुराने नम्बर वाले मोबाइल का प्रयोग करेगे तो सर्विसलांस के माध्यम से पकड़े जायेगे। इसलिये वो अपने मोबाइलो को छोड़ गया या ये भी सम्भव है कि हत्या के बाद वो बौखलाहट में मोबाइल ले जाना भूल गया। अगर ये मोबाइल उसके पास होते तो वो पकड़ा जा सकता था। अभियुक्त इन्द्रपाल आस-पास कही है या वो पुलिस को चकमा देकर कही लम्बे निकल गया अगर कही लम्बे भागा है तो क्या उसने हत्या या हत्याए करने के बाद कैसे फरार होना है कहा जाना है पूरी प्लानिंग बनाकर घटना को अंजाम दिया। इन सारे प्रश्नो के उत्तर उसके पकड़े जाने के बाद ही मिल पायेगे। मृतक रामकृष्ण के पुत्र अनिल कुशवाहा द्वारा मुख्यमंत्री सहित माननीय उच्चतम न्यायालय, मा0 उच्च न्यायालय लखनऊ खण्ड पीठ लखनऊ, पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस महानिदेशक को प्रार्थना पत्र भेजकर अभियुक्त इन्द्रपाल को गिरफ्तार किये जाने की मांग की है व प्रार्थना पत्र में ये भी कहा गया है कि अभियुक्त इन्द्रपाल के परिवारी जन उस पर मुकदमा वापस लेने का दवाब बना रहे है व जान माल की धमकिया दे रहे है। अगर पुलिस द्वारा अभियुक्त को गिरफ्तार नहीं करती है तो उसके परिवार जन उसे व उसके भाई-बहनो की भी हत्या कर सकते है। अब देखना ये है कि उच्च अधिकारियो से अनिल को न्याय मिलता है या नहीं।

 

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