निजी क्षेत्र के चिकित्सक भी निशुल्क देंगे चिकित्सीय परामर्श

लखीमपुर खीरी , 264

लखीमपुर खीरी। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जिले में कोविड-19 बढ़ते संक्रमण के दृष्टिगत इंडियन मेडिकल एसोसिएशन शाखा लखीमपुर खीरी के अध्यक्ष ने पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि निजी क्षेत्र के चिकित्सकों द्वारा टेलीमेडिसिन की निशुल्क सुविधा जनपद वासियों के लिए शुरू की। वैश्विक महामारी कोविड-19 के चलते जनपद खीरी में रोगियों के लिए अपनी सेवाएं टेलीफोन पर निशुल्क देने की सहमति प्रदान की। ताकि घर बैठे लोगों को चिकित्सीय परामर्श मिल सके।
इन नंबरों पर प्राप्त करें निशुल्क चिकित्सीय परामर्श
डॉ देश दीपक जायसवाल, एमडी होम्योपैथिक दोपहर 2रू00 बजे से सायं 5रू00 बजे तक मो. 9616601281, नेत्र चिकित्सक डॉ. केके मिश्रा प्रातः 10रू30 बजे से दोपहर 01रू30 बजे तक मो. 9884647444, नेत्र चिकित्सक डॉ अक्षत कुमार दोपहर 2रू00 बजे से शाम 5रू00 बजे तक मो. 7355001927, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ सीपी सिंह दोपहर 1रू00 बजे से 3रू00 बजे तक मो. 9553103790, दंत रोग विशेषज्ञ डॉ प्रदीप टंडन प्रातः 11रू00 बजे से अपराहन 2रू00 बजे तक मो. 9839285150, एनएसथेटिस्ट मदर एंड चाइल्ड केयर डॉ अखिलेश खरे शाम 5रू00 बजे से 7रू00 बजे तक मो. 9415168612, दंत चिकित्सक डॉ रुचिका अग्रवाल शाम 4रू00 बजे से 6रू00 बजे तक मो 9935073663, डेंटल स्पेशलिस्ट डॉ इंद्रेश राजावत प्रातः 11रू00 बजे से दोपहर 2रू00 बजे तक मो. 9451677177, डॉ जीसी मिश्रा प्रातः 10रू00 से दोपहर 12रू00 के मध्य मो. 9792532999,  आई स्पेशलिस्ट डॉ एमआर खान प्रातः 11रू00 बजे से अपराहन 2रू00 बजे तक मो.9451063643, डेंटल सर्जन डॉ अतुल रस्तोगी प्रातः 11रू00 बजे से दोपहर 2रू00 बजे तक मो. 9839924900, डॉ कुमार शरद सिन्हा (एमबीबीएस, एमडी पैथोलॉजी) शाम 6रू00 से 8रू00 बजे तक मो. 9582397446, डेंटिस्ट डॉ रोहित मिश्रा दोपहर 12रू00 से 2रू00 के मध्य मो.9936089492, चेस्ट स्पेशलिस्ट डॉ रमेश मल्होत्रा  प्रातः 9रू00 से 11रू00 के मध्य मो. 9838354845, डेंटिस्ट डॉ ओपी मिश्रा शाम 5रू00 से 7रू00 के मध्य व्हाट्सएप नंबर 7839359497, डेंटिस्ट डॉ मुदित मल्होत्रा प्रातः 11रू00 से दोपहर 2रू00 के मध्य मो. 9839243133, डॉ मनीषा मल्होत्रा (एमडी,पीडियाट्रिक) प्रातः 11रू30 बजे से दोपहर 01रू30 बजे तक मो. 9450376466, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ पवन गर्ग शाम 5रू00 से 7रू00 के मध्य मो. 9415148139, मनोचिकित्सक डॉ प्रथम दुआ (बुधवार से शनिवार) दोपहर 01रू00 से 3रू00 के मध्य मो. 9958420105, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ अंजनी कुमार मिश्रा प्रातः 10रू00 से 12रू00 के मध्य मो. 9695458687, 9695558483 ईएनटी डॉ धर्मेंद्र सिंह प्रातः 11रू00 से दोपहर 3रू00 के मध्य मो.9839402896, त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ शर्मिष्ठा वर्मा प्रातः 11रू00 बजे से दोपहर 3रू00 बजे के मध्य मो. 9721947807, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ रूपक टंडन (मंगलवार से शनिवार) प्रातः 11रू00 से 2रू00 के बीच मो. 9452087765, डॉ अजय अवस्थी दोपहर 3रू00 बजे से रात्रि 9रू00 बजे के मध्य मो. 9415166239, डॉ आरआर मिश्रा (सर्जन) प्रातः 11रू00 से दोपहर 2रू00 के मध्य मो. 9415168485, डॉ प्रदीप मेहता (सर्जन) मो 8318537332, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉअमरजीत सिंह सलूजा शाम 3रू00 से 5रू00 के मध्य मो 9450918704, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ रूपसी सलूजा दोपहर 1रू00 से 3रू00 के मध्य मो 7505840444।

खुशहाली केंद्र पर पत्रकारों को किया गया समानित
लखीमपुर खीरी। सोमवार को पड़रिया तुला स्थित खुशहाली केंद्र पर क्षेत्र के पत्रकार राम निवास मिश्रा, सूरज सिंह चैहान जितेंद भारद्वाज सोनू शुक्ला को खुशहाली केंद्र के डारेक्टर नरेंद्र कुशवाहा द्वारा एक एक नीम का पेड़ अंगवस्त्र व सप्रेम भेंट देकर सम्मानित किया गया।


ठेलिया चलाकर भरण पोषण करने वाले की कहानी
लखीमपुर खीरी। खुद्दारी की मिशाल बने कस्बा मैगलगंज मे ठेलिया चलाकर परिवार में 6 लोगो के लिए दो वक्त की रोटी की व्यवस्था करने वाले 65 वर्षीय मंशाराम! मंशाराम का कहना है कि इस  लॉक डाउन में परिवार की जीविका चलाने के लिए तमाम कोशिशें नाकाम हो रही है। व्यवस्था चरमरा गई सरकारी सुविधायों का लाभ न मिलने से हम जैसे लाभार्थी को जीवन कष्टकारी होता जा रहा सरकार चाहती है। सरकारी लाभ लाभार्थियों तक पहुँचे पर सरकारी मशीनरी पूरी तरह फेल सरकार की मंशा के विपरीत सारे काम होते जा रहे है। गरीब और गरीब होता जा रहा। कस्बे के मैगलगंज के रहने वाले मंशाराम उम्र करीब 65 वर्ष कस्बे में ठेलिया चलाते है। वह सुबह से शाम तक ठेलिया चलाते है उतना भी नही कमा पाते जितने में  परिवार का भरण पोषण हो सके लगाते हैं। उनके बच्चे उनका साथ नहीं देते इसलिये वो इतने बुजुर्ग होकर भी खुद ही मेहनत करते हैं। इस उम्र मे खुद काम करना कितना मुश्किल काम है ये शायद उनसे बेहतर कोई नहीं जान सकता।सोचने वाली बात है कि इस उम्र मे उनका दर्द बांटने वाला कोई नहीं वैश्विक महामारी के चलते काफी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा मनसाराम को पर  हिम्मत नही हारे जीविका चलाने के लिए जब भी कोई भाड़ा मिलता है। अगर कोई पैसे कम भी दे रहा हो तो सड़क किनारे खड़े होकर इंतजार कर रहे मंशाराम के चेहरे पर खुशी देखने वाली होती है। अक्सर हम और आप ई रिक्शा या अन्य सुविधा जनक वाहन से काम चलाते है। ज्यादा पैसे देकर और फख्र महसूस करते हैं पर क्या आपने कभी सोचा है कि समाज मे कुछ खुद्दार ऐसे भी होते हैं जो अक्सर रोड के किनारे खड़े होकर ठेलिया लेकर भाड़े का इंतजार करते रहते है या कुछ न कुछ सामान बेचते हुये नजर आते हैं। आज प्रतिनिधि ने मंसाराम से जब बात की गई तो उन्होंने भावुक होते हुये बताया कि बेटा जब तक हाथ पैर चल रहे हैं तब तक मेहनत करते रहेंगे। जब हाथ पैर नहीं चलेंगे तो ऊपर वाला जो चाहेगा वो करेगा आराम करने की उम्र इतना कठिन परिश्रम देखकर आंखे गीली हो जाती है। शासन प्रशासन के नुमाईंदों को इस बुजुर्ग की मजबूरी नही दिखती और दिखे भी कैसे लग्जरी गाड़ियों में सवारो को किसी की मजबूरियों से क्या मतलब।

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