ग्रामीण सलाह सेवाओं के तहत कृषि विज्ञान केंद्र मंझरा, लखीमपुर के वैज्ञानिक ने कहा शहतूत बहुत ही पोटेंशियल पेड़ है
लखीमपुर खीरी May 05, 2021 at 09:46 PM , 155महामारी कोविड-19 से लड़ने के लिए शहतूत का सेवन करें। यदि इसकी उपलब्धता होती है तो
लखीमपुर खीरी। शहतूत में प्रोटीन और विटामिन ए विटामिन ई विटामिन सी विटामिन के समृद्ध है यह कैल्शियम आयरन फोलेट थायमिन नियासिन का स्रोत है इसका उपयोग कई बीमारियों और त्वचा की देखभाल सामग्री के उपचार में किया जाता है शहतूत जो कैंसर को रोकने और सामान्य स्वास्थ्य की रक्षा करने के लिए अधिक जाना जाता है इसलिए इसके लाभ दिन प्रतिदिन बढ़ रहे हैं शहतूत में निहित विटामिन तत्व और खनिज लवण व्यापक स्तर पर अंगों द्वारा आवश्यक सभी पोषक तत्वों को कवर करते हैं शहतूत दो प्रकार के पाए जाते हैं एक काला वाह दूसरा हरा शेड्यूल होता है हरा शहतूत के फायदों में हड्डियों को मजबूत करना दिल की सुरक्षा करना मूत्र वर्धक प्रभाव शामिल यह बहुत पौष्टिक भी होता है यह एंटीऑक्सीडेंट का एक अच्छा स्रोत है शहतूत का शरबत बनाकर भी इस्तेमाल किया जाता है
प्रतिरक्षा प्रणाली का समर्थन करता है शहतूत
शहतूत में अल्कलॉइड होते हैं जो मैक्रोफेज को सक्रिय करते हैं मैक्रोफेज श्वेत रक्त कोशिकाओं होती हैं जो प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय कर उन्हें स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा करती हैं
दिल के लिए अच्छा
शहतूत के सेवन से एचडीएल (अच्छा कोलेस्ट्रोल) बढ़ता है और कुल कोलेस्ट्रोल कम होता है इस प्रकार यह एथो स्क्लेरोसिस दिल का दौरा स्ट्रोक और कोरोनरी हार्ट रोग के जोखिम को कम करता है
कैंसर के खतरे को कम करता है
यह एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर होता है और पोषक तत्व होते हैं जो ट्यूमर के विकास को रोकने और फैलने तथा कैंसर से बचाने में मदद करते हैं शहतूत में एंथोसाइएनिन से भरा होता है जो कैंसर कोशिकाओं को दूर रखने में मदद करता है इसमें एंटी कैंसर गुण होते हैं अतः स्वस्थ रहने के लिए शहतूत का सेवन अवश्य करना चाहिए।






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