मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति पर सवाल बेसिक शिक्षा में घटिया निर्माण का आरोप, समाजसेवी ने महानिदेशक को भेजा शिकायती पत्र
लखीमपुर खीरी Oct 10, 2026 at 05:35 PM , 2(हरिशंकर मिश्र/केके शुक्ला)
लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को जिले में पलीता लगाए जाने का गंभीर आरोप लगा है। एक समाजसेवी ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा उत्तर प्रदेश को प्रार्थना पत्र देकर बेसिक शिक्षा विभाग में हुए निर्माण कार्यों में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।
शिकायती पत्र के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 में बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत अतिरिक्त कक्षा कक्ष और विद्यालय भवनों के निर्माण व मरम्मत के कार्य कराए गए। आरोप है कि इन कार्यों में मानक विहीन और घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है।
समाजसेवी ने आरोप लगाया है कि इन निर्माण कार्यों की गुणवत्ता देखने की जिम्मेदारी जिला निर्माण प्रभारी समन्वयक आलोक मौर्य की है, लेकिन वे कार्यालय में बैठे रहते हैं और स्थलीय जांच नहीं करते। वहीं खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को केवल निर्माण कार्य के पूर्ण होने से मतलब है, गुणवत्ता से नहीं।
पत्र में आरोप है कि भवन निर्माण और मरम्मत के लिए भेजे गए सरकारी धन का बंदरबांट हो रहा है और मिलीभगत से खानापूर्ति कर पैसा हजम किया जा रहा है। जिला निर्माण प्रभारी द्वारा प्रत्येक कक्षा कक्ष निर्माण और मरम्मत में अपना हिस्सा लिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायत में कहा गया है कि किसी भी निर्माण कार्य में डिजाइन, दीमक रोधी ट्रीटमेंट और स्टेटमेंट नहीं कराया गया, न ही किसी भवन की तकनीकी जांच की गई। "एक ही जांच से सब स्पष्ट हो जाएगा" कि घटिया निर्माण कर शासन को झूठी रिपोर्ट भेजकर गुमराह किया जा रहा है।
उदाहरण के तौर पर विकासखंड फूलबेहड़ के प्राथमिक विद्यालय रामनगर के भवन एवं अतिरिक्त कक्षा कक्ष निर्माण का हवाला दिया गया है। मांग की गई है कि इसकी जांच विभागीय अधिकारियों से न कराकर संसदीय कमेटी या स्वतंत्र तकनीकी टीम से कराई जाए।
वर्ष 2023 से 2026 तक हुए सभी अतिरिक्त कक्षा कक्ष और मरम्मत कार्यों की तकनीकी जांच कराई जाए,
जिला निर्माण प्रभारी और संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों की भूमिका की जांच हो और दोषी पाए जाने पर सरकारी धन की वसूली के साथ कठोर कार्रवाई हो।






_page-0001.jpg)
























Comments