बज़्म सागरे अदब की शेरी नाशिशत
लखीमपुर खीरी Oct 09, 2026 at 06:15 PM , 2लखीमपुर खीरी समाज सेवी शकील खान सागर के आवास पर एक अदबी शेरी नाशिष्त का आयोजन फैज़ अहमद की अध्यक्षता में आयोजित हुई जिसमें मुख्य अतिथि डॉ शफी सीतापुरी और निज़ामत इक़बाल अकरम वारसी ने की। नाशिष्त की अध्यक्षता कर रहे फैज़ ने कहा यह अदबी गोष्ठीयां अदब को बढ़ावा देती। अदब संस्कार को बढ़ाती हैँ और संस्कार से मानवता और मानवता से समाज में मुहब्बत और मुहब्बत से शांति फैलती है। इसलिए हम लोगों को चाहिए कि ऐसी गोष्ठीयां पाबंदी के साथ करनी चाहिए. शकील खान सागर ने समस्त कवियों और शायरों का हार्दिक स्वागत किया।
नाशिशत में शिरकत करने वाले शायरों और कवियों के कुछ शेर प्रस्तुत हैँ
जिंदगी जी रहे हैँ अज़ाब की तरह
ख़ैर सारा बता सुराब की तरह
डॉ कमाल अख्तर
तुम्हारे हाथों में ख़ून था हक़ नँगा हुआ है
तुम्हारे हाथों से हर गिज़ था लहन सके
बाप को घर से निकाला है उसी बेटे ने
जिसकी खुशियों के लिए रब से दुआ करते थे
इक़बाल अकरम वारसी
डॉ शफी सीतापुरी
सजाओ रात चिरागो को फिर करो रोशन
शकील कुछ तो चिरागों का आहतमाम करो
शकील खान सागर
जब जिसे चाहा मुक़ददर का सिकंदर कर दिया
रब ने सहरा की ज़मीनो को समंदर कर दिया। अंत में साहिबे ख़ाना शकील खान सागर ने समस्त शायरों और श्रोताओं का आभार व्यक्त किया. इस अवसर पर नबील खान अर्शलान खान अदनान खान मनोज बाजपेई आदि उपस्थित रहे






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