बेमौसम बारिश से फसलों पर संकट गन्ना धान और केले की खेती को भारी नुकसान की आशंका
लखीमपुर खीरी Sep 26, 2026 at 05:35 PM , 2पसगवां खीरी।अचानक बदले मौसम और लगातार हो रही बेमौसम बरसात के कारण अन्नदाताओं के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गई हैं।तैयार और पकने की कगार पर खड़ी फसलों के खराब होने के खतरे से क्षेत्र के किसानों में भारी निराशा है। फिलहाल में किसान राजाराम की 14 बीघा खड़ी धान की फसलों में बहुत नुकसान,धान की फसल,कई क्षेत्रों में धान की फसल बालियां आने या पकने की स्थिति में है। तेज हवाओं और पानी भरने के कारण धान के पौधे खेतों में गिर लॉजिंग गए हैं।जलभराव से दाने काले पड़ने सड़ने और अंकुरित होने का खतरा बढ़ गया है जिससे पैदावार और गुणवत्ता दोनों प्रभावित होंगी।गन्ना की फसल,लखीमपुर खीरी गन्ने का प्रमुख उत्पादक जिला है। खेतों में अत्यधिक पानी रुकने से गन्ने की जड़ें कमजोर होकर फसल के गिरने की आशंका रहती है। इससे वजन में कमी और मिल में रिकवरी घटने का जोखिम रहता है।केले की बागवानी,तेज हवा के साथ बारिश से केले के पौधे टूटने तथा जलभराव के चलते जड़ों में गलन व फंगस जनित रोग लगने का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।किसानों के लिए तत्काल बचाव के कदम जल निकासी की त्वरित व्यवस्था,धान गन्ना और विशेषकर केले के बागों से रुका हुआ बारिश का पानी निकालने के लिए नालियों को तुरंत साफ और गहरा करें।केले के पौधों को सहारा,फल लगे और बड़े केले के पेड़ों को बांस या मजबूत डंडों से टेक सहारा देकर गिरने से बचाएं।फफूंदनाशक का छिड़काव बारिश रुकते ही केले और धान की फसल में फफूंद जनित रोगों से बचाव के लिए कृषि वैज्ञानिकों की सलाह अनुसार उपयुक्त कॉपर ऑक्सीक्लोराइड या कार्बेन्डाजिम जैसी फफूंदनाशक दवाओं का प्रयोग करें।औरंगाबाद क्षेत्र में बीते दो दिन से हो रही बारिश और तेज हवा ने किसानों पर कहर बरपा दिया है गन्ना और धान की फसल पूरी तरह से चौपट हो गयी है ।






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