सीएचसी पर पहला सिजेरियन ऑपरेशन प्रसव हुआ सफल
लखीमपुर खीरी Sep 25, 2026 at 05:43 PM , 5धौरहरा खीरी।
जिले के स्वास्थ्य विभाग के लिए गुरुवार 24 सितंबर एक बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 संतोष कुमार गुप्ता के निर्देशन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धौरहरा सीएचसी में अधीक्षक रवि सिंह की देख-रेख में (सरकारी अस्पतालों) पहला सिजेरियन ऑपरेशन प्रसव सफलतापूर्वक हुआ।इस सफलता के साथ ही सी एम ओं के निर्देश पर जनपद की सभी तहसीलों में अब सिजेरियन प्रसव की सुविधा उपलब्ध हो गई जो मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक बड़ा कदम है।
सीएमओ खीरी डॉ संतोष गुप्ता के मुताबिक गुरुवार को सीएचसी धौरहरा में रामनगर लहबड़ी निवासी जासमीन पत्नी रविउल्ला का सफल सिजेरियन (ऑपरेशन) स्टाफ द्वारा किया गया।ऑपरेशन के बाद महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया है,जिसका वजन 2,970 ग्राम होने के साथ जच्चा व बच्चा दोनों पूरी तरह से सुरक्षित और स्वस्थ्य बताया जा रहा है।
जिले की छह सीएचसी भी बनीं प्रथम संदर्भन इकाई (FRU)
सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग खीरी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर चिकित्सा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। जनपद में अब सात प्रथम संदर्भन इकाइयां सक्रिय हो गई हैं। जिला महिला चिकित्सालय के साथ ही सीएचसी निघासन,गोला, पलिया,मोहम्मदी और मितौली में यह सुविधा पहले से थी। गुरुवार को धौरहरा सीएचसी के इस सूची में शामिल होने से जिले के हर तहसील स्तर पर गर्भवती माताओं के लिए ऑपरेशन की सुविधा सुनिश्चित हो गई है।
गुरुवार को सी एच सी धौरहरा में खुशी का माहौल।
इस दौरान सीएचसी अधीक्षक धौरहरा डॉ0 रवि सिंह के प्रयासों व देख-रेख में शुरू हुई सुविधा के पहले ऑपरेशन को विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम ने अंजाम दिया। इस ऑपरेशन में सर्जन डॉ0 नमरा मुईद,एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ0 शिवपूजन अवस्थी,डॉ0 संतोष निराला तथा बाल रोग विशेषज्ञ डॉ0 फरहान हाशमी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।टीम के साथ फार्मासिस्ट नवीन वर्मा,स्टाफ नर्स रजनी वी. नायर,आरती देवी और सहयोगी राजवीर ने भी अपना पूर्ण योगदान दिया।
तराई क्षेत्रवासियों को मिलेगी बड़ी राहत।
डॉ0 रवि सिंह ने बताया कि अब सीएचसी धौरहरा में सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधा नियमित रूप से उपलब्ध रहेगी। पिछले तीन दशकों से इस क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान किसी भी जटिलता की स्थिति में दूर के अस्पतालों या निजी नर्सिंग होम पर निर्भर रहना पड़ता था। स्थानीय स्तर पर इस सेवा के शुरू होने से धौरहरा एवं आसपास के ग्रामीण अंचलों की महिलाओं को समय पर उपचार मिल सकेगा, जिससे उन्हें आर्थिक और शारीरिक दोनों तरह की बड़ी राहत मिलेगी।






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