बरोठा में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल, समाजसेवी शहनूर अली बोले पानी कम होने तक जारी रहेगी भोजन की व्यवस्था

लखीमपुर खीरी , 0

निघासन खीरी। पहाड़ों पर हुई जोरदार बारिश के चलते शारदा नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर बढ़ने से तहसील निघासन क्षेत्र के दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। कई गांवों में बाढ़ का पानी घरों में घुसने से ग्रामीणों के सामने खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया। प्रशासन की ओर से शुरुआती दिनों में प्रभावित लोगों को लंच पैकेट उपलब्ध कराए गए, लेकिन कई इलाकों में ग्रामीणों की मुश्किलें अभी भी बरकरार हैं।
तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत बरोठा में बाढ़ का असर सबसे अधिक देखने को मिला। दर्जनों ग्रामीणों के घरों में पानी घुसने के कारण उन्हें अपना घर छोड़कर सड़क किनारे तंबू लगाकर रहने को मजबूर होना पड़ा है। खुले आसमान के नीचे रह रहे परिवारों के सामने भोजन सहित कई तरह की समस्याएं बनी हुई हैं।


इसी बीच समाजसेवी शहनूर अली ने हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश करते हुए सोमवार को बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं जानीं। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि बाढ़ के चलते भोजन का संकट है। ग्रामीणों के अनुसार, कई बार बच्चों को शरबत पिलाकर भूख शांत करने की कोशिश करनी पड़ रही है।
ग्रामीणों की पीड़ा सुनने के बाद शहनूर अली मंगलवार को दोबारा बाढ़ प्रभावितों के बीच पहुंचे। उन्होंने मौके पर तहरी बनवाकर बाढ़ पीड़ितों को भोजन कराया। दूसरे दिन सब्जी सवाल बनवाकर बाढ़ पीड़ितों के साथ खाना खाया अचानक आई आपदा के बीच भोजन मिलने से बाढ़ प्रभावित परिवारों ने राहत महसूस की।
शहनूर अली के इस सेवा कार्य की क्षेत्र में सराहना हो रही है। उन्होंने कहा कि जब तक बाढ़ का पानी कम नहीं हो जाता, तब तक बरोठा ग्राम पंचायत के प्रभावित ग्रामीणों के लिए भोजन की व्यवस्था जारी रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में इंसानियत और आपसी भाईचारा ही सबसे बड़ी ताकत है।
बाढ़ के बीच शहनूर अली की पहल ने जहां प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराया, वहीं हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक सौहार्द का भी संदेश दिया।

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