भीरा में हाईकोर्ट के आदेश पर चला बुलडोजर, हाईवे किनारे 50 से अधिक अवैध निर्माण ध्वस्त

लखीमपुर खीरी , 13

लखीमपुर खीरी:राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-731 (भीरा-पलिया हाईवे) पर अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। हाईकोर्ट के कड़े निर्देश के बाद शुक्रवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन का बुलडोजर चला, जिसने हाईवे किनारे अवैध रूप से बनाए गए 50 से अधिक आशियानों और दुकानों को पूरी तरह जमींदोज कर दिया।
इससे पहले मंगलवार सुबह भी प्रशासनिक टीम कार्रवाई के लिए पहुंची थी, लेकिन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीम के उपस्थित न होने के कारण इसे टाल दिया गया था। दरअसल, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बरेली इकाई के सह परियोजना निदेशक ने बीती 3 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय राजमार्ग नियंत्रण अधिनियम 2002 की धारा 26(2) के तहत नोटिस जारी कर अतिक्रमणकारियों को 7 दिन के भीतर कब्जा हटाने की चेतावनी दी थी। समय सीमा बीत जाने के बाद प्रशासन ने यह सख्त रुख अपनाया।
कार्रवाई को शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए भीरा कस्बे को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। मौके पर एसडीएम पलिया पुष्पक, एडीएम, और एडिशनल एसपी खुद मोर्चा संभाले हुए थे। सुरक्षा के मद्देनजर 8 क्षेत्राधिकारी, 12 प्रभारी निरीक्षक, 50 उप निरीक्षक, 500 मुख्य आरक्षी हेड कांस्टेबल, 100 आरक्षी, 10 यातायात पुलिसकर्मी, 10 फायर सर्विस की गाड़ियां और किसी भी आपात स्थिति के लिए 3 एम्बुलेंस तैनात रहीं।
प्रशासन की सख्ती को देखते हुए कार्रवाई शुरू होने से पहले ही कई लोग खुद अपने टीन-शेड और दुकानों को समेटते नजर आए। इसके बावजूद, प्रशासन ने शुक्रवार सुबह लोगों को अपना सामान हटाने के लिए 2 घंटे की अंतिम मोहलत दी। समय पूरा होते ही जेसीबी मशीनों ने सड़क के दोनों तरफ अवैध निर्माणों को गिराना शुरू कर दिया। हालांकि, कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानीय निवासियों ने नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन ने केवल गरीबों के आशियाने उजाड़े हैं, जबकि बड़े और रसूखदार प्रतिष्ठानों को मोहलत दे दी गई।बेघर हुए परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था,पूरे मामले पर एसडीएम पलिया पुष्पक ने बताया कि इस कार्रवाई से प्रभावित हुए करीब 50 परिवारों के रहने की तात्कालिक व्यवस्था नगर पंचायत की ओर से की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों के पास पहले से पक्के या वैकल्पिक आवास हैं, उन्हें छोड़ दिया गया है। वहीं, जो पूरी तरह बेघर हो गए हैं, उन्हें प्रशासन जल्द ही सरकारी योजनाओं के तहत आवास उपलब्ध कराएगा। दूसरी ओर, NHAI ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि दोबारा किसी ने हाईवे की जमीन पर अतिक्रमण करने की कोशिश की, तो उसे हटाने में आने वाला पूरा खर्च उसी व्यक्ति से वसूला जाएगा।

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