कोरैया में श्रद्धा के साथ हुआ विश्वकर्मा पूजन, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ अनुष्ठान

लखीमपुर खीरी , 12

कोरैया। विकासखंड कुंभी की ग्राम पंचायत कोरैया मे भगवान विश्वकर्मा पूजा का आयोजन श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ किया गया। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी विश्वकर्मा पूजा को लेकर परिवार में विशेष उत्साह रहा। पूजा स्थल पर विधिवत तैयारियां कर भगवान विश्वकर्मा का पूजन-अर्चन किया गया। पंडित बृजेश तिवारी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजा की विभिन्न प्रक्रियाएं संपन्न कराईं। इस दौरान धार्मिक वातावरण बना रहा और परिवार के सदस्यों ने श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना में सहभागिता की।

पूजन कार्यक्रम की शुरुआत भगवान विश्वकर्मा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इसके बाद पंडित बृजेश तिवारी के मार्गदर्शन में पूजन, हवन सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। परिवार के सदस्यों ने भगवान विश्वकर्मा को नमन करते हुए परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। पूजा के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प

विश्वकर्मा पूजा के आयोजन में स्वामी दयाल पुत्र पूरन लाल एवं मीना देवी का विशेष योगदान रहा। परिवार के सदस्यों ने बताया कि भगवान विश्वकर्मा की पूजा प्रत्येक वर्ष श्रद्धापूर्वक की जाती है। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ परिवार की पुरानी परंपरा से भी जुड़ा हुआ है। पूजा के माध्यम से परिवार के सदस्य मेहनत, हुनर और सृजन के प्रति सम्मान की भावना को आगे बढ़ाते हैं।

इस अवसर पर कौशल शर्मा पत्रकार, कमल किशोर शर्मा, सोनू शर्मा सहित शर्मा परिवार के सदस्य मौजूद रहे। सभी ने भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना कर परिवार एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा संपन्न होने के बाद प्रसाद का वितरण किया गया और मौजूद लोगों ने एक-दूसरे को विश्वकर्मा पूजा की शुभकामनाएं दीं।

भगवान विश्वकर्मा को निर्माण और शिल्प-कला का देवता माना जाता है। ऐसे में विश्वकर्मा पूजा का पर्व मेहनत, तकनीकी कौशल और सृजन के महत्व का संदेश भी देता है। कोरैया में आयोजित कार्यक्रम इसी आस्था और परंपरा का प्रतीक रहा। धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद विधिवत रूप से कार्यक्रम का समापन किया गया।

Related Articles

Comments

Back to Top