मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर आल इज वेल, अज़ान का आरोग्यं मंदिर तथा होम्योपैथिक चिकित्सालय,दवा लेने आओ तो कीचड़ में नहाकर जाओ,

लखीमपुर खीरी , 3

ग्रामीण बोले-अधिकारी मौके पर आए, फिर भी आंखों पर पट्टी बांध कर बंद करा दी शिकायत ग्राम पंचायत अधिकारी पर फर्जी आख्या का आरोप,

सीएचओ बोले तीन साल से ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव से कहा किसी ने नहीं सुनी, 

ग्रामीण की मांग -बरिष्ठ अधिकारी से पुनः जांच, दोषी पर कार्रवाई और तत्काल बने बैकल्पिक रास्ता, 

 

गोला गोकर्णनाथ खीरी, आयुष्मान आरोग्य मंदिर तक रास्ता न होने के मामले में ग्राम पंचायत अधिकारी चंद्र प्रकाश वर्मा की भूमिका सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायत को बिना वास्तविक समाधान के, अधिकारियों को गुमराह करते हुए बंद करा दिया।

ग्रामीणों का कहना है कि 30 अगस्त की शिकायत की जाँच के लिए जब अधिकारी मौके पर आए, तो उन्होंने जलभराव और कीचड़ की स्थिति को देखा। बावजूद इसके उन्होंने बजट का हवाला देकर रास्ता बनाने से इनकार कर दिया। 9 सितंबर को हेल्पलाइन पर आख्या लगाकर मामला दबा दिया गया।  आख्या मे लिखा गया कि जांच में पाया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्य योजना में यह कार्य सम्मिलित नहीं है। आगामी कार्ययोजना में सम्मिलित करते हुए धनराशि की उपलब्धता होने पर कार्य कर दिया जाएगा। ग्रामीणों का सवाल है: जब अधिकारी स्वयं मौके पर गए, तो क्या उन्हें आम जनता की समस्या दिखाई नहीं दी? क्या आम आदमी पानी भरे, कीचड़युक्त रास्ते में चलने को मजबूर रहेंगे?सबाल यह उठता है कि क्या ग्राम पंचायत अधिकारी बजट की राह देखते रहने के बजाय कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं करा सकते थे। क्या सरकार के खाते में इतना पैसा नहीं की ईंट खड़ंजा या मिट्टी भराव जैसा अस्थाई रास्ता बनाकर आम जनता परेशानी से बचाया जा सके

ग्रामीणों की मांग है कि इस आख्या की पुनः जाँच किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए और अस्पताल तक तत्काल वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था हो, ताकि मरीजों को कीचड़ भरे रास्ते से न गुजरना पड़े। साथ ही, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर कथित फर्जी आख्या लगाकर शिकायत बंद करने के मामले में दोषी अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग भी उठ रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि समस्त सर्व समाज की है। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को हो रही परेशानी को देखते हुए प्रशासन को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण उच्च अधिकारियों से गुहार लगाने को मजबूर होंगे।

इधर सीएच ओ संजय कुमार ने बताया कि करीब तीन साल से लगातार ग्राम प्रधान विपिन यादव और ग्राम पंचायत अधिकारी से क ई बार रास्ते के लिए कहा गया लेकिन किसी ने नहीं सुनी हल्की बारिश होते ही जलभराव हो जाता है जिससे मरीजों को बरसात भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है खासकर गर्भवती महिलाओं बुर्जुगों बच्चों को

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