बाढ़ की चपेट मे तराई, प्रशासन सतर्क एसडीएम पलिया ने दौरा कर लिया जायजा,

लखीमपुर खीरी , 0

विश्वकांत त्रिपाठी वरिष्ठ पत्रकार

    पलिया कलां लखीमपुर खीरी।खेत बने तालाब,सड़कें दिख रही नाला, बरसात ने खोली शासन-सत्ता की पोल, मार्गों पर चल रहा बरसात का पानी, गलियारों ने रोकी राह,लोगों को सता रहा बाढ़ का खतरा,पलिया में शारदा नदी खतरे के निशान से ऊपर, इलाके में अलर्ट, नदियों के किनारे जाने की मनाही, आवश्यक हो तभी बाहर‌निकले।
          वहीं दूसरी तरफ पहाड़ों पर हो रही बरसात तथा नेपाली नदियों के प्रकोप से प्रदेश के तराई का लखीमपुर खीरी, पीलीभीत जिलों का इलाका अछूता नहीं है। विगत 24 घंटों के भीतर अकेले पलिया तहसील में 56.8 मिलीमीटर बरसात रिकार्ड की गई तथा पहाड़ों पर 58 मिलीमीटर बरसात होने के कारण शारदा नदी अपने खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है लेकिन स्थिति सामान्य है, खतरे की कोई संभावना नहीं, फिर भी एतिहाद के तौर पर पलिया उप जिलाधिकारी पुष्पक तोमर ने तहसील क्षेत्र के शारदा किनारे बसे शाहपुर, कुंवरपुर, ढखिया, गडरियनपुरवा,टांडा, श्रीनगर, आजाद नगर,सहित सुहेली नदी के किनारे के प्रेम नगर, घोला,बंशी नगर,आदि नदी के किनारे बसे गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया उन्होंने बताया की स्थिति सामान्य है, फिर भी सतर्कता आवश्यक है, इस दौरान एसडीएम ने लोगों की समस्या भी सुनी तथा जरूरतमंदों को बढ़ रहा सामग्री का वितरण भी किया।
 बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहे तराई की पलिया तहसील क्षेत्र अपने सृजन के बाद से ही बाढ़ की विभीषिका से जूझता चला आ रहा है। 
       बरसात के दिनों मे यहां शारदा तथा सहेली सहित तमाम छोटे-छोटे नदी नाले अपनाकर कृषि भूमि सहित जनजीवन को प्रभावित करते रहते है, शासन और प्रशासन बाढ़ आने पर राहतकार्य अपने कर्तव्यों से इति श्री कर लेता है आज तक बढ़ और इसके निवारण और निराकरण के लिए ठोस और स्थाई प्रबंध नहीं किए गए जिससे हमेशा के लिए बाढ़ से निपटा जा सके।

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