वो सबकी बिगड़ी बना रहे है बज़्म फ़रोगे अदब का 25वां तरही मुशायरा संम्पन्न मीलाद की महफ़िल भी सजाई गई

लखीमपुर खीरी , 7

लखीमपुर खीरी। बज़्म फ़रोगे अदब की तरफ होने वाले माहाना तरही मुशायरे की कड़ी में 12रबीउल अव्वल के इस मुबारक माह में 25वें तरही मुशायरे के साथ साथ मीलाद की महफ़िल सजाई गई।      
    इस नूरानी महफ़िल का आगाज़ कच्ची मस्ज़िद के इमाम मुस्तफा रज़ा खान ने तिलावत-ए- कुरान के साथ किया और मौलाना असलम रज़ा ने नूरानी ख़िताब किया। इसके अलावा हस्सान रज़ा, अल्तमश रज़ा ,फैज़ रज़ा, इब्बन खान और वहीद अहमद वाहिदी ने नातिया कलाम पेश किया।  
इसके बाद तरही मुशायरे का दौर चला जिसमे हाफिज़ अख्तर रज़ा ने पढ़ा- फ़लक़ पे तारे चमक लुटा कर,
चमन में गुंचे महक लुटा कर,
खुशी को अपनी जता रहे है,
हुज़ूर तशरीफ़ ला रहे है।
बज़्मे फ़रोगे अदब के सदर आमिर रज़ा ने कहा- 
लक़ब है यासीन ताहा जिनके,
वो सबकी बिगड़ी बना रहे है।
नफीस वारसी ने कहा कि -
नफ़ीस हम ही नही वाहिद,
वो सबकी बिगड़ी बना रहे है।
मुशायरे की निज़ामत कर रहे इलियास चिश्ती ने कहा- 
जो पढ़ रहे है नबी की नातें,
वो अपने कद को बढ़ा रहे है।
बज़्म के सिक्रेट्री डॉ एहराज अरमान ने कहा कि-
हलीमा दाई के लाडले को,
फरिश्ते झूला झूला रहे है।
सैफुल इस्लाम ने कहा-
कहे मुझे भी सबा ये आकर,
हुज़ूर तुझको बुला रहे है।
अय्यूब अंसारी ने कहा- 
वो हमसे बेहतर सदा रहे है,
जो उनके दर के गदा रहे है।
आसिफ अंसारी ने कहा- 
बुलाते है जिसको मेरे आका,
वही मदीने को जा रहे है।
वसीक रज़ा ने कहा-
ब वक़्त-ए-मौलूद सारे कुदसी,
ख़ुशी के नगमात गा रहे है।
 उमर हनीफ ने कहा -
उन्ही के दर पर बनेगी किस्मत,
वो सबकी बिगड़ी बना रहे है।
हसन अंसारी ने कहा-
सभी गदा है उन्हीं के दर के,
वो सबकी बिगड़ी बना रहे है।
मुशायरा सलातो सलाम के बाद कामयाबी के साथ मुकम्मल हुआ।

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