सीएमओ कार्यालय पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों का फूटा गुस्सा
लखीमपुर खीरी Sep 03, 2026 at 06:29 PM , 1आधी सैलरी कटने और दवाओं की कमी को लेकर जमकर की नारेबाजी
लखीमपुर खीरी।जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में उस समय हड़कंप मच गया, जब सैकड़ों की संख्या में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए।आक्रोशित स्वास्थ्य अधिकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रशासनिक रवैये पर गंभीर सवाल खड़े किए।
प्रदर्शनकारी सीएचओ का आरोप है कि सीएमओ खीरी द्वारा बिना कोई वैध कारण बताए उनके वेतन में भारी कटौती कर दी गई है। प्रदर्शन कर रहे अधिकारियों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा,हम लोग दिन-रात फील्ड में रहकर पूरी मेहनत और ईमानदारी से काम करते हैं, इसके बावजूद हमारे खातों में महज आधी सैलरी भेजी गई है। वेतन काटने का कोई कारण भी हमें नहीं बताया गया।
अस्पतालों में पैरासिटामोल तक नहीं, इंडेंट के लिए पैसे नहीं
धरना प्रदर्शन के दौरान स्वास्थ्य अधिकारियों ने जिले की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं और अपनी कामकाजी मजबूरियों का भी खुलासा किया। सीएचओ ने बताया कि उप-केंद्रों पर मरीजों को देने के लिए पैरासिटामोल जैसी बुनियादी दवाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। हद तो यह है कि दवाओं की डिमांड (इंडेंट) ऑनलाइन पोर्टल पर लगाने के लिए भी उनके खातों में पैसे नहीं हैं। वे बेहद विपरीत और अभावपूर्ण परिस्थितियों में नौकरी करने को मजबूर हैं।सैकड़ों की संख्या में पहुंचे सीएचओ ने सीएमओ कार्यालय परिसर को ही अपना धरना स्थल बना लिया है। उनका साफ कहना है कि जब तक उनकी काटी गई सैलरी वापस नहीं की जाती और पांच सूत्रीय मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका यह धरना प्रदर्शन और आंदोलन जारी रहेगा। इस विरोध प्रदर्शन से ग्रामीण इलाकों की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।






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