निजी और सरकारी स्कूल बंद के आदेशों को ताक पर रखकर पलिया के तेज महिंद्रा‌ मे बच्चों को रूप सज्जा कर खूब नचाया गया

लखीमपुर खीरी , 0

   व्युरो लखीमपुर खीरी 

पलिया के सरस्वती मंदिर इंटर कालेज में उड़ाई गयी डीएम के आदेश की धज्जियां,बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने साथ ही मौसम विभाग ने भारी बरसात का एलर्ट जारी किया पूरे जिले के एक से कक्षा आठ तक निजी और सरकारी स्कूल बंद कराने के आदेशों को ताक पर रखकर पलिया के तेज महिंद्रा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज के प्राथमिक सेक्शन के बच्चों को  राधा-कृष्ण रूप सज्जा कर खूब नचाया गया और हुआ भव्य आयोजन,
     नगर के श्रीतेज महेन्द्रा सरस्वती शिशु मंदिर पलिया कलां मे जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश को मखौल मानते हुए बुधवार 02 सितम्बर 2026, को भगवान श्री बलराम एवं श्रीकृष्ण जयंती के पावन उपलक्ष्य में श्री कृष्ण रूप सज्जा कार्यक्रम का भव्य एवं दिव्य आयोजन कर सरकारी आदेश की खूब उडी़ मखौल।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि तन्वी गुप्ता पत्नी कोषाध्यक्ष मैनेजमेंट (अर्बन कोऑपरेटिव बैंक,) कार्यक्रम अध्यक्ष गीतांजलि अग्रवाल ( धर्मपत्नी सलिल अग्रवाल एवं नगर सहसंघ चालक ) एवं विशिष्ट अतिथि नीतू सिंह( प्रबंधक शिवपाल सिंह की धर्मपत्नी ) द्वारा माँ सरस्वती तथा भगवान श्रीकृष्ण के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन से हुआ।        आये हुए सभी अतिथियों का परिचय विद्यालय के आचार्य  पुष्पेंद्र द्वारा कराया गया, अतिथियों को तिलक व बैच लगाकर स्वागत किया गया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से शिशु वाटिका के नन्हें-मुन्ने भैया/बहिनों ने  श्री कृष्ण का मनमोहक रूप धारण कर, मैनेजमेंट कमेटी का मनोरंजन कर सभी का मन मोह लिया। पीले वस्त्र, माथे पर मुकुट, हाथ में बांसुरी और मोरपंख से सजे बच्चे साक्षात बाल कृष्ण के रूप में प्रतीत हो रहे थे। भैया/बहिनों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों, बाल लीलाओं एवं सुन्दर नृत्य से पूरे परिसर को भक्तिमय बना कर जिलाधिकरी के आदेश को तार-तार कर दिया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि तन्वी गुप्ता जी ने कहा कि ऐसे आयोजनों से भावी पीढ़ी को सनातन संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों की प्रेरणा मिलती है और बच्चों में आत्मविश्वास का विकास होता है।
कार्यक्रम अध्यक्ष गीतांजलि अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन त्याग, प्रेम, करुणा और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। आज के नन्हें-मुन्ने बच्चों में कृष्ण के रूप को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं द्वापर युग साकार हो उठा हो। विद्या भारती संस्कारयुक्त शिक्षा के माध्यम से बच्चों में भारतीय संस्कृति के बीज बोने का कार्य कर रही है, लेकिन विद्यालय के जिम्मेदार और मैनेजमेंट ने अपने मनोरंजन के लिए जिलाधिकारी के आदेश को तार-तार कर अपने कर्तव्यों से मुंह फेरते हुए प्रशासन के आदेश की धज्जियां उड़ा दी।
कार्यक्रम के अन्त में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नन्हें राधा-कृष्ण के स्वरूपों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन करना तो दूर रहा एक समोसा और दो टॉफी भी नहीं नसीब कराए।
कार्यक्रम का संचालन आचार्या शिल्पी व नैना सिंह ने सामूहिक रूप से किया। अन्त में वरिष्ठ आचार्य पुष्पेंद्र ने आये हुए सभी अतिथि महानुभावों, अभिभावकों एवं आचार्य परिवार का धन्यवाद ज्ञापित कर आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंध समिति के प्रबंधक, कोषाध्यक्ष, सदस्य, सदस्य, समाज सेवी सुभाष दास सहित तमाम आचार्य परिवार,अभिभावक तथा छात्र-छात्राऐं मौजूद रहे।

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