*नया पिंड में नदी के कटान से 25 घरों पर मंडराया संकट, प्रशासन की उपेक्षा और मुआवजे के अभाव में ग्रामीणों का हंगामा*

लखीमपुर खीरी , 0

तिकुनियां खीरी 
 खैरटिया के  'नया पिंड' में हर साल नदी के भीषण कटान के कारण ग्रामीणों का जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। गांव के करीब 25 घर इस वक्त नदी के मुहाने पर खड़े हैं और कटान की चपेट में आने के कगार पर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि हर साल कटान की गंभीर स्थिति बनने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
​ग्रामीणों के अनुसार, अधिकारी आते हैं, स्थिति का जायजा लेते हैं और आश्वासन देकर चले जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुध लेने वाला नहीं है।
​कई घर नदी में समाए, मुआवजा तक नहीं मिला
​कटान की इस विभीषिका में अब तक सुखविंदर सिंह, गज्जन सिंह, गुरदेव सिंह, बचन सिंह और प्रेम सिंह सहित कई ग्रामीणों के आशियाने पूरी तरह से कटकर नदी में समा चुके हैं। घर बेघर होने के बाद भी पीड़ित परिवारों को सरकार या प्रशासन की ओर से अब तक कोई आर्थिक मदद या मुआवजा नहीं दिया गया है।
​ग्रामीणों ने प्रशासन लगाई न्याय की गुहार
​प्रशासनिक उपेक्षा से परेशान होकर गांव की महिलाओं और पुरुषों ने  विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन करने और अपनी व्यथा सुनाने वालों में भजन सिंह, लाडो बाई, सीतो कौर, प्रकाश कौर, कश्मीर कौर, चीरौ कौर, प्रीतम कौर सहित कई ग्रामीण शामिल रहे।
​पीड़ित ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से जल्द से जल्द कटान रोकने के लिए पक्के इंतजाम करने और जिन लोगों के घर कट चुके हैं, उन्हें उचित मुआवजा व पुनर्वास की व्यवस्था देने की मांग की है। साथ में बताया में कि बाढ़ होने पर और कटान से हर समय खतरा रहता है । और बच्चे स्कूल भी नहीं जा पाते हैं । सरकार हमारी सुनें यही उम्मीद है

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