डग्गामार वाहनों पर परिवहन विभाग का बड़ा एक्शन
लखीमपुर खीरी Aug 05, 2026 at 06:55 PM , 46सात बसें और 2 कारें सीज,दूसरे दिन भी थमे रहे अनुबंधित बसों के पहिए
लखीमपुर खीरी। जनपद में अवैध टैक्सियों और डग्गामार वाहनों के खिलाफ अनुबंधित बस यूनियन के पदाधिकारियों की हड़ताल का दूसरा दिन बुधवार भी रहा।लगातार दूसरे दिन भी लखीमपुर डिपो से अनुबंधित बसों का संचालन पूरी तरह ठप रहा, जिससे परिवहन व्यवस्था चरमरा गई और यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस बीच, हड़ताल के चलते हरकत में आए परिवहन विभाग के अधिकारीयों ने बढ़ते दबाव से सड़कों पर उतरकर ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है।लगातार मिल रही शिकायतों के बाद एआरटीओ खीरी शांति भूषण पांडेय अपनी टीम के साथ कार्यालय से बाहर निकले और सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस कार्रवाई के तहत परिवहन विभाग ने 7 अवैध डग्गामार बसों को मौके पर सीज किया।2 अवैध एर्टिगा कारों को भी जब्त किया।बताया जा रहा है कि सीज की गई कुछ बसें क्षेत्र के बड़े डग्गामार माफियाओं की हैं। एआरटीओ शांति भूषण पांडेय ने स्पष्ट किया है कि अवैध रूप से संचालित होने वाले वाहनों के खिलाफ यह सख्त कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
यात्रियों को परेशानी, रोडवेज को राजस्व का नुकसान
अनुबंधित बसों का चक्का जाम होने के कारण लखीमपुर से यात्रा करने वाले यात्रियों को बसों के लिए भटकना पड़ रहा है। लोग समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। बस मालिकों का कहना है कि डग्गामार और अवैध वाहनों के समानांतर संचालन के कारण अनुबंधित बसों को सवारियां नहीं मिल रही थीं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो रहा था। यहां तक कि डीजल का पैसा निकालना भी मुश्किल हो गया था। इस हड़ताल के कारण जहां एक तरफ आम जनता परेशान है, वहीं दूसरी तरफ रोडवेज को भी भारी राजस्व का घाटा उठाना पड़ रहा है।
जिला अध्यक्ष का बयान सरकारी राजस्व को लग रहा चूना
अनुबंधित बस यूनियन के जिला अध्यक्ष श्रवण कुमार गुप्ता ने बताया कि विभागीय अधिकारियों को लगातार इस संबंध में ज्ञापन सौंपे जा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी केवल अनुबंधित बसों पर ही कार्रवाई करते हैं, जबकि अवैध रूप से चल रहे डग्गामार वाहनों पर कोई प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। इसी भेदभाव और लगातार हो रहे आर्थिक नुकसान के कारण बस मालिकों को संचालन रोकने जैसा कड़ा कदम उठाना पड़ा। यूनियन का कहना है कि अवैध बसों के संचालन से सरकार के राजस्व को भी बड़ा चूना लग रहा है।































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