झाऊपुर में गन्ने के खेत में मिले कंकाल की गुत्थी उलझी, मौत का कारण स्पष्ट नहीं, डीएनए रिपोर्ट से खुलेगा राज,

लखीमपुर खीरी , 74

बाघ की दहशत से सहमे ग्रामीण, वन विभाग ने लगाए ट्रैप-नाइट विजन कैमरे, ड्रोन से गन्ने के खेत में सर्च ऑपरेशन तेज,


गोला गोकर्णनाथ-खीरी, दक्षिणी खीरी वन प्रभाग की महेशपुर रेंज के ग्राम झाऊपुर में बीते शनिवार की सुबह गन्ने के खेत में मिले मानव कंकाल के मामले में मौत का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। बीते शनिवार सुबह किसान जय प्रकाश शर्मा पुत्र चन्द्रिका प्रसाद के गन्ने के खेत में मानव कंकाल मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। मृतक की पहचान अनिल कुमार 35 वर्षीय पुत्र जुगुल किशोर निवासी तुलमेलगंज थाना हैदराबाद के रूप में हुई है। प्रथम दृष्टया बाघ के हमले में मौत की आशंका जताई गई थी।

इस संबंध में थाना हैदराबाद प्रभारी सुनील मलिक ने बताया कि कंकाल को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा गया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका। अब सही जानकारी के लिए डीएनए सैंपल को प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट होंगे।

घटना के बाद हरकत में आए वन विभाग की टीम ने रेंजर निर्भय प्रताप शाही के नेतृत्व में मृतक के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान ग्राम प्रधान आलोक जायसवाल की मौजूदगी में परिवार को 10 हजार रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता प्रदान की गई। रेंजर ने बताया कि मृतक परिवार से संबंधित कागजात ले लिए गए हैं और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ योजना के तहत 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

लगातार बाघ के हमलों से किसानों में आक्रोश है। ग्रामीणों के विरोध के बाद रविवार को वन विभाग पूरी तरह सक्रिय नजर आया। वन दरोगा अखिलेश सिंह व रोहित श्रीवास्तव ने बताया कि झाऊपुर के आसपास गन्ने के खेतों में बाघ की लोकेशन ट्रेस करने के लिए 4 ट्रैप कैमरे और 4 नाइट विजन कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही ड्रोन कैमरों से भी लगातार निगरानी की जा रही है।

बाघ को पकड़ने के लिए 25 सदस्यों की 5 टीमें गठित कर कॉम्बिंग कराई जा रही है। टीम में डिप्टी रेंजर उमर, वन दरोगा मित्रपाल, वन दरोगा अखिलेश सिंह, वन दरोगा रोहित श्रीवास्तव व सुरेन्द्र पाल गौतम शामिल हैं।

क्षेत्रीय वनाधिकारी निर्भय प्रताप शाही ने बताया कि घटनास्थल का मौका मुआयना कर लिया गया है। ड्रोन से निगरानी के बावजूद अभी तक बाघ की लोकेशन ट्रेस नहीं हो सकी है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और खेतों में अकेले न जाकर समूह में जाने की सलाह दी गई है।

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