बीईओ पर मुख्यालय से दूरी और निरीक्षण पर सवाल, SDM ने शिकायत की जांच का जिम्मा उन्हीं को सौंपा

लखीमपुर खीरी , 35

"120 KM ईंधन का प्रबंध कैसे?" ग्रामीणों में चर्चा, उठे सवाल

*लखीमपुर खीरी।* उच्च प्राथमिक विद्यालय प्रतापीबेहड़ की शिकायत के बाद अब खंड शिक्षा अधिकारी रमियाबेहड़ की कार्यशैली को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि बीईओ रमियाबेहड़ मुख्यालय पर नहीं रहते। उनका आना-जाना लखीमपुर शहर से होता है। क्षेत्र में चर्चा है कि आखिर साहब के रोजाना करीब 120 किलोमीटर दूरी तय करने के ईंधन का प्रबंध कैसे होता है। 

सूत्रों के मुताबिक इतनी दूरी तय करने के बाद वह क्षेत्र के कितने विद्यालयों का समय पर निरीक्षण कर पाते होंगे, यह भी बड़ा सवाल है। इससे परिषदीय स्कूलों की मॉनिटरिंग पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। बताया जाता है कि रमियाबेहड़ कार्यालय का कंप्यूटर ऑपरेटर सोनू कश्यप भी मुख्यालय पर बीएसए ऑफिस में काम करता है और वेतन रमियाबेहड़ से ले रहा है।
मजे की बात यह है कि प्रतापीबेहड़ स्कूल को लेकर जो शिकायत एसडीएम धौरहरा शशीकांत मणि से की गई थी, उसकी जांच का जिम्मा एसडीएम ने उन्हीं बीईओ फूलचंद को सौंप दिया है जिनके खिलाफ लापरवाही के आरोप लगे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जब शिकायत ही बीईओ की कार्यशैली को लेकर है, तो जांच भी उन्हीं से कराना न्यायसंगत नहीं है। लोगों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच किसी अन्य अधिकारी से कराई जाए।
इससे पहले बीईओ फूलचंद ने आरोपों को गलत बताया था और कहा था कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी है, जिसे पूरा किया जाएगा। उन्होंने मौके पर जाकर निरीक्षण की बात भी कही थी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि 1500 किलोमीटर चलने के लिए इनको ईंधन दिया जाता है और 40 विद्यालयों का निरीक्षण प्रतिमाह करना होता है ब्लॉक मुख्यालय पर रुकने के संबंध में उन्होंने बताया कि शासनादेश देखकर ही बता पाएंगे।
पूरे मामले की सत्यता तो निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच के बाद ही सामने आएगी लेकिन मामला चर्चा का विषय जरूर बन गया है।

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