*रास्ता खोदकर बनाए गए अवैध नाले पर बन रहा सुरजीपुरवा पुल, 50 फीट लंबाई पर उठे सवाल*

लखीमपुर खीरी , 15

*ग्रामीण बोले- 13 फीट की पुलिया पर्याप्त, 1.31 करोड़ का पुल लाएगा 60-70 गांवों में बाढ़ का खतरा*  

(विश्वकांत त्रिपाठी/केके शुक्ला)

*निघासन, लखीमपुर खीरी।* तहसील निघासन के ग्राम पंचायत गंगाबेहड़ के पास सुरजीपुरवा में बन रहा विवादित पुल अब सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी कागजों में दर्ज रास्ते को खोदकर अवैध नाला बना दिया गया और अब उसी नाले पर 50 फीट लंबा पुल बनाया जा रहा है, जिससे शारदा और सुतिया नदी का पानी गांवों में घुसने का खतरा बढ़ गया है।  

*क्या है पूरा मामला:*  
1. *अवैध नाले पर पुल:* ग्रामीणों के मुताबिक कानूनी रूप से यह पुल गलत है। सरकारी अभिलेखों में जहां रास्ता दर्ज है, उसे खोदकर नाला बना दिया गया और अब उसी अवैध नाले पर पुल निर्माण हो रहा है।  

2. *50 साल पुरानी 13 फीट की पुलिया थी पर्याप्त:* स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां 50 सालों से 13 फीट की पुलिया बनी थी और आवागमन आराम से हो रहा था। मेन रोड पर राजपुर के पास दौलतापुर-बम्हनपुर मार्ग पर भी इतनी ही बड़ी पुलिया है। फिर 50 फीट का बड़ा पुल बनाने की क्या जरूरत पड़ गई?  

3. *बाढ़ का बढ़ेगा खतरा:* पुल निर्माण स्थल से सुतिया नदी केवल एक किलोमीटर दूर है। ग्रामीणों का सवाल है कि क्या बाढ़ विशेषज्ञ टीम से सलाह ली गई? शारदा और सुतिया का पानी आने से जो विनाश होगा, उसका जिम्मेदार कौन होगा? द्वारिकापुरवा, रामपुर, राजपुर, जानकीनगर फार्म, जानकीनगर गांव, लोखंदरपुर समेत 60-70 गांवों की करीब 40 हजार आबादी प्रभावित होगी।  

4. *DM के दौरे के उलट हो रहा काम:* पिछले साल डीएम लखीमपुर खीरी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बाढ़ से पहले इसी क्षेत्र का दौरा किया था ताकि शारदा-सुतिया का पानी गांवों की तरफ न आए। ग्रामीणों का आरोप है कि जेई साहब उल्टा जहां बंधा बनना चाहिए, वहां पुल बनवा रहे हैं। जहां NDRF की टीम बचाव के लिए आती है, वहां पुल निर्माण हो रहा है।  

5. *1.31 करोड़ के बजट पर सवाल:* पुल के लिए 1 करोड़ 31 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्या सिर्फ इतनी बड़ी रकम पास कराने के लिए ही पुल की लंबाई 13 फीट से बढ़ाकर 50 फीट कर दी गई?  

*ग्रामीणों की मांग:* सभी लोग 15 फीट तक की पुलिया बनाने के पक्ष में हैं। उनका कहना है कि पहले सरकारी रास्ता खोदकर अवैध नाला बनाया, फिर 13 फीट की पुलिया बनी जिससे गंगाबेहड़ के 10 गांवों में बाढ़ आने लगी। अब 50 फीट लंबा पुल बनने से तबाही और बढ़ेगी।  

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल की लंबाई कम की जाए और बाढ़ नियंत्रण विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद ही निर्माण हो, ताकि हजारों लोगों के घर और खेत बर्बाद होने से बच सकें।

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