प्रदेश की लोककला एवं जनजाति संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन तथा प्रचार प्रसार हेतु बैठक का आयोजन
लखनऊ May 18, 2026 at 06:55 PM , 8लखनऊ: 18 मई, 2026
उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान, लखनऊ द्वारा संचालित “सृजन” ग्रीष्मकालीन कार्यशाला कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के सभी जनपदों में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यशालाओं के आयोजन को लेकर 16 मई को संस्थान कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में प्रदेशभर में लोक कला एवं जनजातीय संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार हेतु व्यापक चर्चा की गई।
यह जानकारी लोक जनजाति संस्थान के निदेशक श्री अतुल द्विवेदी ने दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में स्थानीय विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के माध्यम से लोक गायन, लोक नृत्य, लोक वादन, लोक चित्रकला, कठपुतली कला एवं जनजातीय नृत्य आदि विधाओं की कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा, जिससे नई पीढ़ी को प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ा जा सके।
उन्होंने बताया कि संस्थान द्वारा कार्यशालाओं हेतु प्रदेश भर से प्रशिक्षकों के आवेदन प्राप्त हुए थे। प्राप्त आवेदनों पर संस्थान के समिति द्वारा विचार-विमर्श किया गया। योग्य प्रशिक्षकों के चयन एवं कार्यशालाओं के प्रभावी संचालन को लेकर सुझाव प्रस्तुत किए गए।
बैठक में संस्थान के मनोनीत सदस्य कुमुद सिंह, सुरेश कुशवाहा, डॉ. बृजभान मरावी, कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव तथा निदेशक अतुल द्विवेदी उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने जनपद स्तर पर अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को व्यापक स्तर पर संचालित किए जाने पर बल दिया।
द्विवेदी ने बताया कि संस्थान द्वारा चयनित प्रशिक्षकों के माध्यम से प्रदेशभर में गुणवत्तापूर्ण सांस्कृतिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिनमे लोक संस्कृति के विभिन्न पक्षों पर कार्यशालाओं का आयोजन किया जायगा। दिव्यांग, विशेष बालक-बालिकाओं के लिए भी कार्यशाला का आयोजन किया जायगा। प्रदेश की अल्प प्रचलित विधाओं पर भी प्रशिक्षण प्रदान किया जायगा। यह कार्यशाला मई से लेकर 15 जुलाई तक चलाई जायेगी। कार्यशाला में प्रशिक्षण निःशुल्क है।































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