लखनऊ में CM योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला, बोले—‘नारी शक्ति वंदन विधेयक रोकना अक्षम्य पाप’

लखनऊ , 37

लखनऊ। लखनऊ स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में लाए गए विधेयक का विरोध कर विपक्ष ने न केवल महिला सम्मान का अपमान किया है, बल्कि यह “अक्षम्य पाप” किया है, जिसे देश की नारी शक्ति कभी माफ नहीं करेगी।
पत्रकार वार्ता में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री Pankaj Chaudhary, केंद्रीय मंत्री Annapurna Devi सहित एनडीए सहयोगी दलों के कई नेता मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 2014 में सत्ता संभालने के बाद गरीब, युवा, किसान और नारी—इन चार वर्गों को प्राथमिकता दी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने हर प्रगतिशील कदम का विरोध किया है।
उन्होंने कहा कि 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 2029 से लागू करने के लिए संशोधन लाया गया था, ताकि महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में जल्द आरक्षण मिल सके। लेकिन विपक्षी दलों ने इसे रोकने का प्रयास किया। योगी ने कहा कि विपक्ष का आचरण महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है।
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर भाजपा सरकार ने कई कदम उठाए हैं, जबकि विपक्ष केवल परिवारवाद और तुष्टिकरण की राजनीति करता रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, कन्या सुमंगला योजना, उज्ज्वला योजना, शौचालय निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं ने करोड़ों परिवारों का जीवन बदला है।
योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में पिछले वर्षों में 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी गईं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाओं को अवसर मिला। स्वयं सहायता समूहों, स्टार्टअप्स और एमएसएमई के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।
वहीं केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने भी विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि 17 अप्रैल महिलाओं के अधिकारों के विरोध के कारण “काला दिवस” के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं अब जागरूक हैं और लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगी।
पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा और एनडीए नेताओं ने एक स्वर में कहा कि महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर पूरा गठबंधन एकजुट है और महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ किसी भी राजनीति को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

Related Articles

Comments

Back to Top