“बच्चों को छुई-मुई मत बनाइए, श्रमदान कराने वाले शिक्षकों को दंड नहीं सम्मान मिले” : सीएम योगी
लखनऊ May 17, 2026 at 11:27 PM , 59लखनऊ। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में बच्चों से कराए जाने वाले श्रमदान और अनुशासनात्मक गतिविधियों को लेकर बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि बच्चों को आत्मनिर्भर, अनुशासित और मजबूत बनाने की जरूरत है, न कि उन्हें “छुई-मुई” बनाकर रखने की।
रविवार को लखनऊ में आयोजित अनुदेशक सम्मान समारोह एवं मानदेय वृद्धि चेक वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार स्कूलों की अच्छी पहल का गलत विश्लेषण किया जाता है और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर शिक्षकों से अनावश्यक स्पष्टीकरण मांगा जाता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि बच्चे विद्यालय में श्रमदान कर रहे हैं, स्वच्छता अभियान चला रहे हैं या स्कूल परिसर को सुंदर बनाने में योगदान दे रहे हैं तो इसे गलत नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
सीएम योगी ने कहा,
“जब बच्चे कहीं श्रमदान करते हैं तो कहा जाता है कि बच्चों से काम कराया जा रहा है। इसमें बुरा क्या है? ऐसे शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें बुलाकर सम्मानित किया जाना चाहिए।”
उन्होंने बेसिक शिक्षा परिषद के अधिकारियों से कहा कि वायरल वीडियो के आधार पर शिक्षकों को नोटिस देने की प्रवृत्ति से बचना चाहिए। ऐसे शिक्षक वास्तव में भावी पीढ़ी को चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों में अलग-अलग प्रकार की प्रतिभाएं छिपी होती हैं और शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वे उन्हें पहचानकर सही दिशा दें। यह प्रक्रिया आत्म अनुशासन से शुरू होती है। समय पर विद्यालय पहुंचना, स्वच्छता बनाए रखना और विद्यालय परिसर को सुंदर बनाने में भागीदारी बच्चों के व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने कहा,
“बच्चों को इतना तेजवान और प्रचंड बनाइए कि कोई उन्हें कमजोर समझने की हिम्मत न करे। यह शिक्षा और संस्कारों से संभव होगा।”
सीएम योगी ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में पिछले नौ वर्षों में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अब बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को जूते-मोजे, यूनिफॉर्म और स्वेटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने मीडिया में किताबों और यूनिफॉर्म वितरण को लेकर उठ रहे सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अभी पंजीकरण प्रक्रिया चल रही है और सरकार अब धनराशि सीधे अभिभावकों के खातों में भेज रही है, जिससे वितरण प्रक्रिया और तेज होगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद स्कूलों में वर्तमान में लगभग 1.60 करोड़ बच्चे अध्ययन कर रहे हैं और यही बच्चे देश व प्रदेश का भविष्य हैं। राष्ट्र निर्माण केवल नेताओं के प्रयासों से नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग और विशेष रूप से शिक्षकों के सामूहिक योगदान से संभव होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेसिक शिक्षा व्यवस्था राष्ट्र की नींव तैयार करती है और इससे जुड़े शिक्षक एवं अनुदेशक भविष्य के भारत का निर्माण कर रहे हैं।































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