गंगा महाआरती और भजनों से गूंजा लखनऊ, भव्य “श्रीराम हनुमत महोत्सव” संपन्न

लखनऊ , 4

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक रहे मुख्य अतिथि, पहली बार लखनऊ पहुंचे छत्तीसगढ़ के रामनामी समुदाय के संत

लखनऊ। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की उपस्थिति में राजधानी लखनऊ के बलरामपुर गार्डन परिसर में आयोजित दो दिवसीय भव्य “श्रीराम हनुमत महोत्सव” शनिवार को गंगा महाआरती और दिव्य हनुमंत भंडारे के साथ संपन्न हो गया। 16 और 17 मई को आयोजित इस आध्यात्मिक आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं ने हनुमान महाराज के दिव्य दरबार के दर्शन किए और भक्ति, संगीत तथा सनातन संस्कृति के अद्भुत संगम का अनुभव किया।
महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध रामनामी समुदाय का लखनऊ में पहली बार आगमन रहा। समुदाय के कुंजबिहारी, सेतबाई, गुलाराम, रामभक्त और गीताबाई ने भक्तों को आशीर्वाद प्रदान किया। रामनामी समुदाय अपने शरीर पर “राम” नाम का गोदना गुदवाने, रामनाम अंकित वस्त्र धारण करने और मोरपंख मुकुट पहनने की परंपरा के लिए प्रसिद्ध है।
कार्यक्रम का संचालन प्रेमकांत तिवारी ने किया। दूसरे दिन दिल्ली से आए विश्वविख्यात स्वर सम्राट अजय याज्ञनिक ने सुंदरकांड का सस्वर सामूहिक पाठ कराया। उनके मधुर गायन और चौपाइयों की सरल व्याख्या ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक भाव से ओत-प्रोत कर दिया।
अंतरराष्ट्रीय भजन गायक Jai Pandey Kokil ने “ओम मंगलम ओमकार मंगलम”, “राम कहानी सुनो हे राम कहानी”, “छम-छम नाचे वीर हनुमान” और “बजरंगबली मेरी नाव चली” जैसे भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं अंतरराष्ट्रीय तबला वादक Shriprakash Pandey ने तबले पर रथ और घोड़ों की ध्वनि प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। वायलिन पर पंडित सुखदेव मिश्र ने संगत दी।
समारोह का केंद्रीय आकर्षण गंगा महाआरती रही, जिसमें पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठा। आरती के बाद विशाल दिव्य हनुमंत भंडारे का आयोजन किया गया।
महोत्सव के दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को “हनुमंत कृपा सम्मान” से भी सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वालों में आईएएस एस. मिनिस्थी, समाजसेवी अंशुमाली शर्मा, बी.डी. मिश्रा, सरिता सतपथी, डॉ. प्रवीन सिंह, डॉ. पी.के. शुक्ला और डांस कोरियोग्राफर रत्ना अस्थाना प्रमुख रहे।
मुख्य सेवादार विवेक पाण्डेय ने बताया कि सनातनी जनजागृति और सर्वकल्याण के उद्देश्य से आयोजित इस महोत्सव में शहर के कई प्रतिष्ठानों और समाजसेवियों ने भंडारे, प्रसाद और छप्पन भोग में सहयोग प्रदान किया।
उन्होंने बताया कि महोत्सव के पहले दिन मुंबई से आए विश्वविख्यात भजन गायक प्रेम प्रकाश दुबे ने 21 स्वरों में हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ कराया, जबकि नैमिषारण्य से आए कथावाचक कपिल शास्त्री जी ने “और देवता चित्त न धरई, हनुमंत सेई सर्व सुख करई” विषय पर प्रेरणादायी व्याख्यान दिया था।

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