सिविल कोर्ट परिसर में वकील चाचा ने भतीजे को मारी गोली, प्रशासन में हड़कंप

लखीमपुर खीरी , 127

(हरिशंकर मिश्र/सुनील शर्मा)


लखीमपुर खीरी।लखीमपुर सिविल कोर्ट परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक अधिवक्ता ने अपने ही सगे भतीजे को गोली मार दी। जानकारी के अनुसार अधिवक्ता जे के राज ने पारिवारिक विवाद के चलते इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। घटना में अधिवक्ता भतीजे की पीठ पर गोली लगी, जिसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। कोर्ट परिसर में अचानक हुई फायरिंग से वकीलों और आम लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही एएसपी पूर्वी पवन गौतम व सीओ सिटी विवेक तिवारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। वहीं पुलिस अधीक्षक ने भी घटनास्थल का मुआयना कर जांच के निर्देश दिए। घटना की गंभीरता को देखते हुए दुर्गा शक्ति नागपाल जिलाधिकारी भी मौके पर पहुंचीं और अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।इस दौरान सीएमएस डॉ.आरके कोली ने बताया कि घायल को सीने के निचले हिस्से में गोली लगी है और हालत को देखते हुए उसे उच्च चिकित्सा के लिए लखनऊ भेजा गया है। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। वहीं पुलिस द्वारा आरोपी की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। अधिकारियों ने कहा कि घटना के प्रत्येक पहलू की गहन जांच कर दोषी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

घटना ने उठाए तमाम सवाल?

लखीमपुर -सिविल कोर्ट परिसर में फायरिंग मामले में घायल अधिवक्ता जितेंद्र राज पुत्र राम अवतार राज को गंभीर हालत में लखनऊ रेफर किया गया है।

बताया जा रहा है कि घटना से पहले दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई, जंजीर, हेलमेट और ईंट से हमला किया गया जिसमें एक वकील का सिर भी फूट गया, इसके बाद गोली चलाई गई।

अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर कचहरी परिसर तक असलहे कैसे पहुंच रहे हैं, अवैध हथियार से फायरिंग की बात सामने आ रही है जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

जिला अस्पताल केवल रेफरल अस्पताल बनकर रह गया

वहीं जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं भी कटघरे में हैं, मेडिकल कॉलेज के अधीन जिला अस्पताल अब रेफरल सेंटर बनता जा रहा है, गंभीर मरीजों को तत्काल लखनऊ भेजा जा रहा है

अस्पताल में आईसीयू जैसी बुनियादी सुविधा तक नहीं है और सीटी स्कैन की व्यवस्था भी नहीं है, आज घायल अधिवक्ता को भी गंभीर हालत में लखनऊ रेफर कर दिया गया, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत उजागर हो रही है।

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