वो चल दिए हैं रूठ के उनको मनाए कौन बज़्म फ़रोगे अदब का 20वां मुशायरा आयोजित

लखीमपुर खीरी , 87

पूर्व सांसद/गृह राज्य मंत्री यूपी जफर अली नकवी ने की सदारत


लखीमपुर खीरी। बज़्म फ़रोगे अदब की जानिब से हर महीने होने वाले तरही मुशायरे की फेहरिस्त में 
20वां मुशायरा काफी भव्यता के साथ संपन्न हुआ। मुशायरे की सदारत पूर्व संसद/गृह राज्य मंत्री उत्तर प्रदेश जफर अली नकवी ने की और मेहमाने खुसूसी के तौर पर बुजुर्ग शायर मस्त हफीज़ रहमानी ने शिरकत की।
इस मौके पर अपने सदारती खिताब में पूर्व सांसद जफर अली नकवी ने एक शेर के जरिए अपनी बात का आगाज करते हुए कहा- "महफिल तेरी साकी तेरा,आंखे मेरी बाकी तेरा" उन्होंने कहा साहित्यकारों ने हर दौर में समाज को और सत्ता में बैठे लोगों को आईना दिखाने का काम किया है यही वह जमात है जो निडर होकर हुकूमत से आंखों में आंखें मिलाकर बात करती है, और जरूर इस बात की है कि युवा पौध समाज के बेहतरीन के लिए अपना कलम उठाए और समाज को नहीं दिशा दें।
मेहमान खुसूसी मस्त हफीज़ रहमानी ने कहा  बज़्म फ़रोगे अदब के कंधे से कंधा मिलाकर बज़्म उर्दू सीतापुर खड़ी है। उन्होंने अपने इस कलाम से लोगों को सलाह देते हुए कहा - यूं ही जलोगे तो जल जाएगा बदन सरा,चराग़ बन के जलोगे तो रौशनी होगी" 
बज़्म फ़रोगे अदब के सदर आमिर रज़ा पम्मी ने कहा कि कस्बा खीरी हमेशा अदब का दयार रहा है और बज़्म फ़रोगे अदब पिछले 50 सालों से इस कस्बे के लोगों को अदब की रोशनी से रौशन करने का काम कर रही है। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जो काम हमारे बुजुर्ग कर रहे थे उस काम को आज उनके जरिए बज़्म फ़रोगे अदब आगे बढ़ाने का काम कर रही हैं।
   मुशायरे का आग़ाज़ मौलाना जावेद अख्तर किया और मुशायरे की निज़ामत इलियास चिश्ती ने की। मुशायरे में मशहूर शायर डा तनवीर इकबाल बिस्वानी, डॉ अफजल, उमर हनीफ, खुशतर रहमानी, मंसूर माहवार, बज़्म के सिक्रेट्री और मुशायरे के कन्वीनर डॉ एहराज अरमान, नदीम सीतापुरी, रिजवान मारूफ, यासीन इब्ने उमर,नफीस वारसी, बशर हरगावी, शहबाज़ हैरत चिश्ती, डॉ एखलाक, मंजर यासीन,
सैयद सलमान अहमद रिजवी,अय्यूब अंसार, इमरान रज़ा बरकाती,।
दिलशाद लक्वी,हसन अंसारी, आसिफ अंसारी, जावेद अंसारी, रिजवान अंसारी ने अपने कलाम पेश किया। इस दौरान सपा में पूर्व जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल सहित सैकड़ो लोग मौजूद रहे। मुशायरा देर रात कामयाबी के साथ मुकम्मल हुआ।

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