मॉडर्न मदरसा मिफ्ताहुल-उलूम का रिजल्ट शत प्रतिशत,40% से अधिक फर्स्ट पास

लखीमपुर खीरी , 116

  "सरकार पाठ्य सामग्री का मूल्य निर्धारण करने के साथ सरकारी स्कूलों को तरहीद दे,और एनसीईआरटी पर आधारित पुस्तके लागू करें, जिससे अभिभावकों पर बोझ हल्का हो सके",


 (विश्वकांत त्रिपाठी)


  पलिया कलां लखीमपुर खीरी। गुरुवार को दुधवा रोड स्थित उर्दू बोर्ड से मान्यता प्राप्त मॉडर्न स्कूल मदरसा मिफ्ताहुल-उलूम का रिजल्ट शत प्रतिशत, 40% से अधिक बच्चे फर्स्ट डिवीजन पास हुए।
       स्कूल के सभी 200 से अधिक बच्चे पास उत्तीर्ण रहे गुरुवार को रंगारंग कार्यक्रम आयोजित कर स्कूल के बच्चों को रिजल्ट सौंपते हुए मुख्य अतिथि तथा महंगापुर ग्राम पंचायत के प्रधान समाज सेवी सरदार गुरमीत सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में उत्तीर्ण बच्चों को प्रशस्ति पत्र तथा तमगा देकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा की बच्चों में ईश्वर का वास होता है यह हमारे देश का भविष्य है, पता नहीं इनमें से कौन बच्चा अधिकारी,नेता, उन्नतशील किसान और उद्योगपति बनेगा यह भविष्य की कोख में है,लेकिन मैं इतना जरूर कहूंगा की जो पढे़गा वही बढ़ेगा, इसलिए आज के आधुनिक युग में शिक्षा अर्जित करना बहुत ही परम और महत्वपूर्ण उद्देश्य होना चाहिए, स्कूल  के बच्चों ने ज्ञानवर्धक व प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित कर सबका मन मोह लिया।
      परीक्षा फल वितरण समारोह की अध्यक्षता कर रहे क्षेत्र के मान्यता प्राप्त पत्रकार तथा समाजसेवी विश्वकांत त्रिपाठी ने बढ़ते बस्ते के बोझ कॉन्वेंट स्कूलों की मनमानी फीस किताब और कॉपियों की बढ़ती हुई कीमतों तथा स्टेशनरी मूल्य को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि "विद्यालय चलाना आज व्यवसाय हो गया है सरकार को चाहिए कि एनसीआरटी की पुस्तकों को शत-प्रतिशत लागू कर विभिन्न प्रकाशनों की पुस्तक पर रोक लगाई‌ जाये, सरकार पाठ्य सामग्री का मूल्य निर्धारण करने के साथ सरकारी स्कूलों को तरहीद दे,और एनसीईआरटी पर आधारित पुस्तके लागू करें, जिससे अभिभावकों पर बोझ हल्का हो सके",
 जिससे अभिभावकों की जेब का बोझ हल्का हो और हर वर्ष अभिवावकों को पुस्तकें न ख़रीदनी पड़े गरीब बच्चे पुरानी पुस्तकें पढ़ कर शिक्षा अर्जित कर सके, क्योंकि स्कूलों के संचालक अपने मनमर्जी के प्रशासन की पुस्तक लगाकर ऊंची कमाई कर रहे हैं इससे अभिभावकों की जब पर भार बढ रहा है और बच्चों की शिक्षा गुणवत्ता पर भी व्यापक प्रभाव पड़ता है इससे उन्हें हायर एजुकेशन के बाद कंपटीशन के दौरान विभिन्न तरह की दिक्कतें होती हैं सरकार कुरमुत्ते की तरह पनप रहे स्कूलों पर अंकुश लगाने के साथ सरकारी स्कूलों को तरहीद दे और एनसीईआरटी पर आधारित पुस्तके लागू करें जिससे सभी वर्ग के बच्चों को समान शिक्षा मिल सके। 
          इस अवसर पर मदरसा प्रबंधक मोहम्मद वसीम, प्रिंसिपल शमा परवीन, विशिष्ट अतिथि समाजसेवी किस्मत अली, नियामत अली कुरैशी, तरन्नुम अनाया, प्रिया राजपूत नेमा फातिमा शमशाद व शना वी आदि ने भी बच्चों को संबोधित किया।
       गुरमीत सिंह ने प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त बच्चों सहित अन्य 20 बच्चों को नगद प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया। प्रबंधक मोहम्मद वसीम ने अतिथि तथा मुख्य अतिथि को शील्ड देकर सम्मानित करते हुए सभीका आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित अभिभावकों गणमान्य नागरिकों और स्कूल के बच्चों के जलपान की उत्तम व्यवस्था की गई।

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