पीड़ित के परिवार को दबंग दे रहे जान से मारने की धमकी,दो बार एसपी से शिकायत कार्रवाई शून्य
लखीमपुर खीरी Mar 23, 2026 at 06:30 PM , 84न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने दर्ज किया था मुकदमा,जांच को प्रभावित करने का पीड़ित ने लगाया आरोप
पीड़ित का आरोप कि विवेचना अधिकारी कर सकते हैं आरोपितों का बचाव,मुकदमा वापसी के लिए दबंग दे रहे धमकी
लखीमपुर खीरी।थाना खीरी क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम चिमनी (मजरा डिम्हौरा) में एक पीड़ित परिवार दबंगों के खौफ और पुलिस की कार्यप्रणाली से बेहद परेशान है। पीड़ित शिवपूजन पुत्र स्व. हरद्वारी ने आरोप लगाया है कि न्यायालय के स्पष्ट आदेश और एफआईआर दर्ज होने के बावजूद, पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन पर ही समझौता करने का दबाव बना रही है।पीड़ित शिवपूजन ने अपनी भूमि (गाटा संख्या 11/0.388 हे.) के बंटवारे के लिए उपजिलाधिकारी न्यायालय में 'धारा 116 उ.प्र. राजस्व संहिता 2006' के तहत वाद (सं. टी 202110430111634) दाखिल किया था। न्यायालय ने 24 मार्च 2022 को लेखपाल की आख्या और कुरेजात (नजरी नक्शा) की पुष्टि करते हुए इसे आदेश का अंग माना था। लेकिन विपक्षी नरेन्द्र कुमार, धर्मेन्द्र और जितेन्द्र उर्फ दर्शन (पुत्रगण स्व. जगदीश) इस कानूनी बंटवारे को ठेंगा दिखाते हुए जमीन पर अवैध कब्जे का प्रयास कर रहे हैं।एफआईआर के बाद भी पीड़ित खाली हाथ है,इस मामले में थाना खीरी पर मुकदमा अपराध संख्या 0127 (दिनांक 23 फरवरी 2026) के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं 191(2), 191(3), 109(1), 333, 324(4), 115(2) और 351(2) के अंतर्गत नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसके बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी तो दूर, वे खुलेआम पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।वहीं पुलिस पर भी गंभीर आरोप पीड़ित शिवपूजन ने लगाया है और बताया है कि उन्होंने पुलिस अधीक्षक खीरी को दो बार शिकायत दी और मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी न्याय की गुहार लगाई, लेकिन नतीजा शून्य रहा। पीड़ित ने विवेचना अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे आरोपियों का बचाव कर रहे हैं और मुकदमा वापस लेने के लिए उन पर मानसिक दबाव बना रहे हैं।वर्तमान में पीड़ित परिवार दहशत के साये में जीने को मजबूर है। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इन दबंगों पर नकेल कसता है या पीड़ित को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ेगा।






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